Sunday, Feb 23, 2020
all parties including trinamool condemned bjp leader vijayvargiyas statement about pohe

बीजेपी नेता विजयवर्गीय के पोहे को लेकर दिये बयान की तृणमूल समेत सभी दलों ने की निंदा

  • Updated on 1/24/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में  तृणमूल कांग्रेस समेत कांग्रेस और माकपा ने आज बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash  Vijayvargiya) के पोहा खाने को लेकर दिये बयान की तीखी आलोचना की है। इस बाबत वरिष्ठ टीएमसी नेता तापस रॉय ने कहा कि इस तरह के जातिवादी और सांप्रदायिक बयान बीजेपी की ‘बंगाली विरोधी’ मानसिकता का परिचायक है।

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उन्होंने कहा कि बीजेपी की जातिवादी और सांप्रदायिक बंटवारे की मानसिकता की वजह से आज देश में आग लगा हुआ है।इससे पहले बीजपी महासचिव विजयवर्गीय ने कहा था कि उनके घर पर काम करने वाले कुछ मजदूर बांग्लादेशी हो सकते हैं क्योंकि वे केवल पोहा खाते हैं। उनके इस बयान पर विवाद उठ खड़ा हुआ है।   

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 जिस पर तापस रॉय ने यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि भाजपा एक बंगाली विरोधी पार्टी है। इस तरह के सांप्रदायिक बयान केवल उसी मानसिकता को दर्शाते हैं। भाजपा और उसके नेताओं को बंगाल, उसकी संस्कृति और खाने की आदतों के बारे में कुछ भी पता नहीं है और वे बंगाल पर राज करने का सपना देख रहे हैं। बंगालियों का अपमान करने के लिए वे जवाब दें।   

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उधर रॉय के बयान को माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने समर्थन देते हुए कहा कि भाजपा देश की बांटने पर तुली है। उन्होंने कहा कि सिर्फ रोटी नहीं खाने से कोई व्यक्ति बांग्लादेशी नहीं बन जाता है। पोहा एक ऐसा मुख्य आहार है जो नाश्ते के रूप में बहुत लोकप्रिय है। भाजपा क्या करने की कोशिश कर रही है?

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 सलीम ने कहा कि पहनावे, खान-पान और जीवनशैली के आधार पर देश की नस्लीय रूपरेखा बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विजयवर्गीय की टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का सिर्फ एक विस्तार है कि नागरिकता कानून के तहत हिंसा में लिप्त लोगों की पहचान उनके पहनावे से की जा सकती है। मोदी ने दिसंबर में झारखंड में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि जिन लोगों ने सीएए के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था उन्हें उनके पहनावे से पहचाना जा सकता है।   

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