Sunday, Sep 26, 2021
-->
allahabad high court statement over deaths due to oxygen crisis kmbsnt

ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों की मौत नरसंहार से कम नहीं- इलाहाबाद हाईकोर्ट

  • Updated on 5/5/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना के महासंकट के बीच ऑक्सीजन की कमी से हो रही लोगों की मौत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कोरोना संक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि ऑक्सीजन की कमी के कारण हो रही मौतें किसी नरसंहार से कम नहीं हैं।

कोर्ट का कहना है कि अस्पतालों में समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति न होने से हो रही कोरोना मरीजों की मौत एक आपराधिक कृत्य जैसा है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों को ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है उनके लिए कोविड मरीजों की मौत एक नरसंहार जैसा है।

कांग्रेस ने कोरोना को लेकर सर्वदलीय बैठक की मांग की, सेंट्रल विस्टा पर सवाल उठाया 

आदेश पालन के लिए मांगा गया समय
जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है। इस सुनवाई के दौरान स्टेट इलेक्शन कमीशन ने हलफनामा दाखिल किया। वहीं 9 जिलों के डिस्ट्रिक्ट जज की ओर से कोविड से संबंधित रिपोर्ट दाखिल की गई। 27 अप्रैल को हुई पिछली सुनवाई के दौरान दिए गए आदेश के पालन के लिए समय मांगा गया है। 

कोर्ट ने दिया नेताओं के रेमडेसिविर खरीदने, वितरण करने के मामले की जांच का निर्देश 

राज्य सरकार ने कोर्ट को दी ये जानकारी
इस दौरान राज्य सरकार ने कोविड से लड़ने के लिए की गई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के विषय में कोर्ट को बताया। राज्य सराकर की ओर से बताया गया कि प्रदेश में 17 हजार 614 आइसोलेशन बेड और 5 हजार 510 आईसीयू और एसडीयू बेड अलग-अलग अस्पतालों में उपलब्ध हैं।

इसके अलावा दो दिन बढ़ाए गए वीकेंड कर्फ्यू की भी जानकारी दी गई। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट अमरेंद्र नाथ सिंह ने कोर्ट मांग की है कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन ही अंतिम विकल्प है। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.