Wednesday, Jun 29, 2022
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5 राज्यों में 5 हजार वैक्सीन डोज की हुई बर्बादी, कोवैक्सीन को हो रहा सीरम के मुकाबले ज्यादा नुकसान

  • Updated on 1/29/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत में कोरोना वैक्सीनेशन (Covid-19 Vaccination) का कार्यक्रम शुरू हुए दो हफ्ते हो चुके हैं। लेकिन अबतक लोग इसे लेकर गंभीर नहीं हैं और न ही लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं। हालांकि यह खबर भी आती रही हैं कि लोगों का वैक्सीन न लगवाने वाली खबरें सही नहीं है। 

लेकिन अब जो खबर सामने आई है वो निश्चित ही वैक्सीन कार्यक्रम के लिए निराशाजनक है। खबर है कि लोग अब वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं जिसकी वजह से अब तक 5 हजार से ज्यादा वैक्सीन की डोज खराब हो चुकी हैं। 

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वैक्सीन की हो रही बर्बादी 
यह आंकड़ा अभी केवल पांच राज्यों का है। इस लिस्ट में त्रिपुरा सबसे पहले नंबर पर है। यहां 5000 डोज में से 11% वैक्सीन बर्बाद हुई है। 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण के पहले चरण में मेडिकल कर्मियों को वैक्सीन देने की योजना तैयार की गई है। 

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, वैक्सीन बर्बाद हो रही हैं क्योंकि लोग वैक्सीन लगाने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। दरअसल, वैक्सीन के एक वॉयल को खुलने के बाद लगाना जरूरी हो जाता है अगर ऐसा न हो तो ये ज्यादा से ज्यादा 4 घंटे के भीतर उपयोग कर लेना होता है, अगर ऐसा नहीं होता है तो वैक्सीन खराब हो जाते हैं। 

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नहीं मिल रहे वैक्सीन के लिए लोग 
वहीँ, इस बारे में एक अधिकारी का कहना है कि टीका लगाने वाले समय पर लोग नहीं पहुंच रहे हैं और इस वजह से डोज खराब हो जाती है।  इतना ही नहीं, वैक्सीन के लिए जिस तरह से लोगों में उत्सुकता देखने को मिली थी वो वैक्सीन आने के बाद दिखाई नहीं दे रही। यह भी आंकड़ा समाने आया है कि 16 जनवरी के बाद 100 चुने गए लोगों में से केवल 55 ही वैक्सीन लेने के लिए पहुंचे। 

यह आंकड़ा गुरूवार को औसतन प्रति 100 लोगों पर 49 का था। वहीं, पंजाब में 1200 वैक्सीन डोज बर्बाद हुए है। एक अधिकारी ने बताया कि इस दौरान सबसे ज्यादा भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin) की बर्बादी हुई है। सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड (Covishield) की तुलना में कोवैक्सीन के वॉयल का आकार ज्यादा बड़ा है। 

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बिहार और पटना में खोई डोज 
उधर, पटना में वैक्सीन की डोज गायब होने की भी खबरें मिली हैं। शहर के नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में गए हफ्ते वैक्सीन की बर्बादी 25% तक थी और अभी कुछ डोज खो गए हैं। जबकि बिहार में कुल 301 सत्र साइट में से 295 पर कोविशील्ड वैक्सीन लगाई जा चुकी है। 

वहीँ, उत्तराखंड अब तक 14 हजार 500 वैक्सीन बर्बाद हो चुकी है। जबकि एक रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा के पास जनवरी में 1 लाख 94 हजार 048 वैक्सीन थी जिसमें से 1,125 डोज खो दिए हैं। जबकि इसी दौरान झारखंड, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल और छत्तीसगढ़ के राज्यों में कोई वैक्सीन बर्बाद नहीं हुई है। 

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