Tuesday, Oct 26, 2021
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पंजाब में तख्ता पलट! अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया

  • Updated on 9/18/2021

नई दिल्ली / टीम डिजिटल। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक से ठीक पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मुलाकात कर अपना और अपने मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंपा। इससे पहले, अमरिंदर ने अपने समर्थक विधायकों के साथ बैठक में इस्तीफा देने का फैसला किया।

कांग्रेस के विधायक दल की मीटिंग में शामिल होने के लिए हाईकमान की तरफ से लगाए गए आब्जर्वर अजय माकन और हरीश चौधरी यहां पहुंच चुके हैं। दोनों नेताओं को लेने के लिए खुद नवजोत सिद्धू एयरपोर्ट पहुंचे और उनका स्वागत किया। फिलहाल दोनों नेता कांग्रेस भवन की तरफ रवाना हो चुके हैं। कांग्रेस हाईकमान द्वारा लगाए गए आब्जर्वरों की तरफ से पहले मंत्रियों के साथ बैठक की जाएगी और बाद में शाम की बैठक होगी।

मिली जानकरी के अनुसार यहां पर विधायकों की बैठक में शामिल होने के लिए पंजाब प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू चंडीगढ़ में मुख्यालय में पहुंच चुके है। इतना ही नहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाईकमान की तरफ से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफे की भी मांग कर दी गई है। जिसके बाद कैप्टेन अमरिंदर सिंह अपने विधायकों को पक्का करने में जुट गए है। इतना ही नहीं ये भी कयास लगाए जा रहे है कि आज कैबिनेट में भी बड़ा फेरबदल किया जा सकता है।

इस समय पर पंजाब कांग्रेस में बड़ी हलचल मची हुई है। इसको देखते हुए पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। जहां एक तरफ कैप्टन अमरेंद्र सिंह के इस्तीफा देने की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं यह भी कहा जा रहा है कि हाईकमान ने कैप्टन के पास से इस्तीफा मांग लिया है। दूसरी तरफ सुनील जाखड़ के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं से सियासत में माहौल काफी गर्म है। 

गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस का कलह लंबे समय से चल रहा है। इसको सुलझाने के लिए पहले भी मुख्यमंत्री कैप्टेन और सिद्धू को कई बार दिल्ली बुलाया गया। हरीश रावत भी कई बैठकें कर चुके है। लेकिन आज शाम 5 बजे होने वाली बैठक में कई बड़े बदलाव की संभावना है।

कैप्टन पर टिकीं सबकी निगाहें
अब सबकी निगाहें अमरेंद्र सिंह पर टिक गई हैं। कैप्टन के समर्थक विधायक भी देर रात हुई इस घोषणा के बाद कैप्टन के साथ सलाह-मशविरा करके रणनीति बनाने में जुट गए हैं। देर रात और शनिवार सुबह तक कई चरणों में कैप्टन समर्थक विधायकों की बैठकों का दौर चलता रहा।

कैप्टन समर्थकों ने इस बैठक में दो टूक शब्दों में यह ऐलान किया कि उनके कैप्टन अमरेंद्र सिंह ही रहेंगे। इस पर कोई भी समझौता नहीं होगा। अगर दबाव की रणनीति चली गई तो यह तय है कि कांग्रेस विधायक दल टुकड़ों में बंट जाएगा और इससे संवैधानिक संकट भी खड़ा होना तय माना जा रहा है।

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