Sunday, Dec 08, 2019
america sent 145 indians back to delhi

अमेरिका की कड़वी यादों के साथ भारत डिपोर्ट हुए 150 नागरिक, फटे पुराने कपड़ों में आए एयरपोर्ट से बाहर

  • Updated on 11/21/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अमेरिका (America) जाकर वहां पर काम करना बहुत से लोगों का सपना (Dream) होता है। लेकिन कुछ लोग अपने इस सपने को पूरा करने के लिए गलत तरीके का इस्तेमाल करते हैं और गैर कानूनी(unauthorized way) तरीके से दूसरे देश में चले जाते हैं। ऐसे ही करीब 150 भारतीयों को अमेरिका ने वापिस भारत (India) भेज दिया है।

बांग्लादेशी नागरिक भी हैं शामिल
संयुक्त राज्य अमेरिका  में अवैध रूप से प्रवेश कर वहां रह रहे 150 भारतीय (Indian) व 30 बांग्लादेशी (Bangladesh) नागरिकों को अमेरिका ने वहां से डिपोर्ट कर दिया है। इन सभी डिपोर्ट किए गए भारतीय को लेकर करीब चार विमान ढाका (Dhaka) होते हुए सुबह दिल्ली (Delhi) पहुंचा। इन चारों विमान सुबह करीब 6 बजे से 11 बजे के बीच में आईजीआई एयरपोर्ट (IGI airport) पर लैंड हुआ। इससे पहले विमान बांग्लादेश के ढाका में सभी 30 बांग्लादेशी नागरिकों को छोड़ कर आया था।

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भारतीय दूतावास को सौंपे गए नागरिक
विमान के लैंड होने के बाद एयरपोर्ट टर्मिनल पर जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी डिपोर्ट किए गए यात्रियों को बारी-बारी से बाहर निकाला गया। अमरीकी सरकार ने डिपोर्ट किए गए लोगों द्वारा वहां के वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए, अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश का आरोप लगाते हुए उन्हें डिपोर्ट करने हेतु भारतीय दूतावास को सौंप दिया था। इस दौरान डिपोर्ट किए गए यात्रियों के चेहरे पर मायूसी साफ साफ झलक रही थी। 

अमेरिका से भारत वापिस आए नागरिक

एजेंटों के माध्यम से पहुंचे थे अमेरिका
उन यात्रियों ने बताया कि उन्हें कुछ एजेंटों ने भारी रकम लेकर अमेरिका भेजा था और आश्वस्त किया था कि वे कभी पकड़े नहीं जाएंगे। इसके लिए उन्हे एजेंटो ने पहले रूस फिर वहां से फ्रांस होते हुए मैक्सिको पहुंचाया था। मैक्सिको से वहां के एजेंटो ने इन लोगों को अमरीका के कैलीफोर्निया राज्य में प्रवेश करवाया था।

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पिछले साल भी भेजे गए थे नागरिक 
इसी दौरान कुछ बॉर्डर(Border) पर ही और कई प्रवेश करने के बाद जांच के दौरान पकड़े गए थे। जिसके बाद उन्हें डिपोर्ट किया गया। कई यात्रियों का कहना था कि अमेरिका जाने की चाहत में उन्होंने एजेंट के चक्कर में पड़कर काफी रुपए भी बर्बाद किए। बता दें कि पिछले वर्ष अक्टूबर महीने में करीब 300 भारतीयों को मैक्सिको की सरकारी एजेंसी ने तब पकड़ लिया था जब वे मैक्सिको के रास्ते अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश की कोशिश कर रहे थे। बाद में सभी 300 भारतीयों को वहां से डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया था।

अमेरिका से भारत वापिस आए नागरिक

डिग्री होने के बावजूद मिली जिल्लत
अमेरिका से जो लोग भी वापिस आए हैं उनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जिनके पास काफी डिग्री भी हैं लेकिन उनके पास नौकरी नहीं थी जिसके कारण बेबस होकर वो लोग एजेंटों के चक्कर में पड़ गए और  25-25 लाख देकर अमेरिका गए लेकिन वहां जाकर उन्ही जिंदगी नर्क हो गई। पिछले  5 महीने से डिटेंशन सेंटर में कैद रमनदीप ने बताया, 'लंबे समय बाद किसी ने मुझे मेरे नाम से पुकारा है। इमिग्रेशन कैंपों में हमें हमारे नामों से नहीं, बल्कि नंबरों से बुलाया जाता था तो हमें दिया गया था।'

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कैंपों में कई दिनों तक पड़े रहे भूखे
भारत लौटे 150 उन नागरिकों में से एक परमजीत सिंह भी हैे। उन्होंने बताया कि हमारे पास जो भी कपड़े थे उन्हें जब्त कर लिया गया था। हमारी हालत इतनी बदतर हो गई कि हमें  कई बार खाना भी नहीं दिया गया। यहां तक कि अगर हमने अपना खाना किसी के साथ शेयर किया तो हमारे साथ बुरा व्यवहार करने की चेतावनी भी दी गई थी।  

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