Thursday, Jan 27, 2022
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1857 के स्टीम इंजन के साथ हिमाचल की हसीन वादियाें की सैर करेंगे अमेरिकी पर्यटक

  • Updated on 9/15/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। इतिहास की बनाई कई चीजें ऐतिहासिक बन जाती हैं, तो आज के समय में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ जाता कि उनका निर्माण तब किसने किया था। हमको जरूरत बस अपनी पुरानी चीजों की महत्ता को बचाकर उनकों आधुनिक समय में जगह देने की है।

कुछ ऐसी ही स्थिति पठानकोट जोगेन्दर नगर नेरोगेज रेल लाईन की है। यह अंग्रेजों के जमाने में बनाई गई थी। इस रेल लाईन पर आमतौर पर हिमाचल आने वाले पर्यटक व स्थानीय लोग सफर करते हैं। लेकिन इन दिनों इस रेल लाईन की हालत खस्ता है।

अमेरिकी पर्यटकों के लिए तैयारियां
आजकल पठानकोट से लेकर हिमाचल प्रदेश के जोगेन्दर नगर तक पूरी नेरोगेज रेल लाईन को चाक चौबंद किया जा रहा है। यह खास तैयारियां किसी राजनेता के आने के लिये नहीं की जा रहीं, बल्कि इस रेल लाईन पर सफर करने के लिये आने वाले अमेरिकी पर्यटकों के स्वागत के लिये इसे तैयार किया जा रहा है।  

अमेरिका से आने वाले विदेशी पर्यटक पहली बार तीन दिनों तक इस रेल लाईन पर, 1857 में बने जेड बी-66 स्टीम इंजन पर तीन दिनों तक, हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की मनोरम वादियों में सैर करेंगे। कांगड़ा घाटी अपनी प्राकृतिक सुदंरता के लिये काफी मशहूर है।

स्टीम इंजन के साथ पहाड़ियों के मनोरम नजारें
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अमेरिका से भारत दर्शन के लिये आ रहा पर्यटकों का एक दल 17 से 19 नवबंर तक 1857 में बने जेड बी-66 स्टीम इंजन के साथ दो चार्टर्ड कोच में सवार होकर पठानकोट से जोगेन्दर नगर के बीच सफर करेगा।

इसके लिये बाकायदा भारतीय रेलवे में बुकिंग करवाई गई है। आने वाले अमेरिकी पर्यटक नगरोटा से ज्वालामुखी के बीच तीन दिन तक रुकेंगे और कांगड़ा घाटी की धौलाधार की पहाड़ियों का नजारा लेते हुए विशेष तौर पर फोटोग्राफी करेंगे।
भारतीय रेलवे ने इस बुकिंग को कन्फर्म भी कर दिया है।

हसीन वादियों के धुएं में जलेगा कोयला
लिहाजा बुकिंग के बाद अब  फिरोजपुर रेल डिविजन की ओर से इंजन को ट्रैक पर दौड़ाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। रेलवे की ओर से पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेक्शन पर चार वाटर कालम (स्टीम इंजन के गर्म होने पर पानी की जरुरत को देखते हुए वाटर प्वाइंट) बनाने के लिए पठानकोट रेलवे को आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के बाद 50 मीट्रिक टन कोयले का भी आर्डर कर दिया गया है। अगले महीने कोयला पठानकोट की लोको में आ जाएगा।

पठानकोट रेलवे के एडीएमई (असिस्टेंट डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर) जितेंद्र सिंह ने कहा कि अमेरिका के पर्यटकों की ओर से दो चार्टर्ड कोचों के साथ नगरोटा से ज्वालामुखी तक के लिए तीन दिन की बुकिंग करवाई है। दिल्ली के टूरिस्ट विजिटर अमित चोपड़ा ने 17 से 19 नवंबर तक की बुकिंग करवा दी है।

विदेशी पर्यटक कितने होंगे इस पर अगले महीने फाइनल हो जाएगा। फिलहाल छह पर्यटकों की बात हुई है। एक-दो की और बढ़ोतरी भी हो सकती है। पठानकोट रेलवे अधिकारियों की मानें तो नगरोटा और ज्वालामुखी रेल सेक्शन चुनने के पीछे पर्यटकों का तर्क है कि नैरोगेज सेक्शन के बीच यही एक ऐसा एरिया है जहां से धौलाधार की हसीन वादियों का नजारा लिया जा सकता है।

भाप अपना जोर दिखाने को तैयार
विदेशी पर्यटकों की और से पठानकोट-जोगिन्द्रनगर नैरोगेज रेल सेक्शन पर स्टीम इंजन को चलाने की मांग के बाद पठानकोट रेलवे ने प्रतापगढ़ (गुजरात) से स्टीम इंजन की मांग की थी। इसके बाद रेलवे ने प्रतापगढ़ की लोको में खड़े जेड बी- 66 स्टीम इंजन को 2002 में पठानकोट की वर्कशाप में भेजा था। पठानकोट के एडीएमई जितेंद्र सिंह के प्रयासों से इंजन को इस वर्ष फिटनेस सर्टिफिकेट भी मिल गया है।

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