Tuesday, Dec 06, 2022
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Corona के कहर के बीच राहुल गांधी हुए जब रुबरु तो नहीं दे सकें मोदी सरकार को ठोस सुझाव

  • Updated on 4/16/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश संकट काल से गुजर रहा है। ऐसे में न सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि सभी विपक्षी पार्टियों को भी जिम्मेदारी से अपना पक्ष रखनी चाहिये। लेकिन कांग्रेस अब भी तय नहीं कर पा रही है कि मोदी सरकार के उठाये कदमों की खिचाईं करें या समर्थन करें। दरअसल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और संभावित अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) आज पहली बार डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।

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राहुल ने मोदी सरकार को दिये कई सुझाव

उन्होंने इस दौरान कई बार सरकार को सुझाव देते नजर आए तो कभी सरकार के सामने आ रही दिक्कतों को समझने की कोशिश करते नजर आए। लेकिन इतना तो साफ है कि राहुल गांधी एक बार फिर पूरी तरह परिपक्वता नहीं दिखा सकें। हालांकि कई मुद्दे उठाये मसलन कोरोना टेस्टिंग की कमी को लेकर मोदी सरकार को घेरा तो अगले ही क्षण उन्होंने कहा कि देश ही नहीं विदेश भी टेस्टिंग किट से जूझता नजर आ रहा है। फिर उन्होंने प्रवासी मजदूरों के सवाल पर सरकार को सुझाव दे डाले तो फिर कहा कि उन्हें नहीं पता कि मोदी सरकार को कैसे इन सारे समस्याओं से जूझने चाहिये। शायद पीएम मोदी को एक्सपर्ट्स से राय लेनी चाहिये।

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अनाज भंडार पर उठाया सवाल

वहीं राहुल गांधी एक बार फिर देश में अनाज भंडार पर संतोष जाहिर किया तो फिर कहा कि आने वाले दिनों में देश को अन्न संकट से गुजरना पड़ सकता है। यानी राहुल देश के सामने तमाम चुनौतियों पर राय तो रखी लेकिन कोई भी ठोस सुझाव देने में नाकाम रहें। जिससे एक बार फिर उनकी काबिलियत पर सवाल उठ खड़े हुए है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी बिना तैयारी के ही प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंच गए थे,जिससे कहीं न कहीं पार्टी की ही किरकिरी हुई है।

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