एक साथ चुनाव लड़ने के लिए उद्धव ने अमित शाह के सामने रख दी ये बड़ी शर्त

  • Updated on 2/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोकसभा चुनाव से एन पहले नाराज चल रही शिवसेना को साथ लेने के लिए बीजेपी हर हथकंडा अपना रही है, लेकिन अभी तक वह अपने प्रयोग में सफल नहीं हो पाई है। खबर है कि सोमवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को फोन किया और प्रदेश में लोकसभा सीटों के बंटवारे की बात कही। लेकिन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शाह के सामने एक बड़ी शर्त रख दी।

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उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 1995 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तर्ज पर सीटों का बंटवारा चाहती है और लोकसभा चुनावों में भी वह महाराष्ट्र में बीजेपी के बड़े भाई की भूमिका निभाना चाहती है यानि उनका कहना यह था कि लोकसभा चुनावों में भी वह बीजेपी से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। मालूम हो कि 1995 में विधानसभा की 288 सीटों में से शिवसेना 169 और बीजेपी 116 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और दोनों ही पार्टियों ने प्रदेश में 138(शिवसेना- 73, बीजेपी-65) सीटों पर जीत दर्ज की थी।

महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं। आपको बता दें कि जेडीयू नेता और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर इस मसले पर बातचीत करने उद्धव ठाकरे के घर गए थे और उन्होंने लोकसभा की 48 सीटों में से 28 सीटें शिवसेना को देने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि महाराष्ट्र में वह बिग-ब्रदर की भूमिका में रहेगी।

लोकसभा चुनावों से ठीक पहले बीजेपी के सामने अपने सहयोगी दलों को साथ रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। उसके कई सहयोगी पहले ही भाजपा का दामन छोड़ चुके हैं। आंध्र से टीडीपी, बिहार से आरएलएसपी,जम्मू-कश्मीर से पीडीपी उसका साथ छोड़ चुके हैं और फिलवक्त तक शिवसेना भी विरोध में दिख रही है।

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