Sunday, Dec 08, 2019
amit shah reached lucknow to shake the pulse of ayodhya verdict

अयोध्या फैसले व पवार- उद्धव से झटका खा UP की नब्ज टटोलने पहुंचे अमित शाह

  • Updated on 11/30/2019

नई दिल्ली/अदिति सिंह। राजनीति की जंग में लगभग हमेशा अजेय रही मोदी (Modi Government) सेना के खास कंमाडर एन चीफ ही नहीं बल्कि चाणक्य की उपाधि से भाजपा (BJP) और संघ (RSS) में प्रसिद्ध अमित शाह (Amit shah) महाराष्ट्र (Maharashtra) में शरद (Sharad Pawar) और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)से सत्ता के शतरंजी खेल में पहली बार पियादों से मात खाकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में सूबे की राजनीति की नब्ज टटोलने आए।

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विकास और कानून व्यवस्था की ली जानकारी
उन्होंने पार्टी के तमाम दिग्गजों के साथ साथ संघ के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर योगी सरकार के विकास और कानून व्यवस्था की भी अदंरूनी तौर पर जानकारी ली। हांलाकि उन्होंने योगी सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर तारीफ की लेकिन पार्टी के कुछ नेता दबी जुबान से यह भी कहते नजर आये कि अमित शाह ने योगी सरकार के कानून व्यवस्था की तारीफ नहीं कि बल्कि उन्होंने योगी सरकार के क्रिया कलापों पर कटाक्ष किया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कानून व्यवस्था में सुधार आया है। 

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खुद जाकर प्रदेश के हालातों का लिया जायजा
लेकिन वहीं दूसरी ओर सूत्रों के मुताबिक संघ की अपनी इंटेलिजेंस ने सुधरती नहीं बल्कि बिगड़ती कानून व्यव्स्था पर और कागजों पर हो रहे विकास कार्य व पार्टी के सांसदों और विधायकों की कार्यशैली पर भी जो अपनी रिपोर्ट पार्टी आलाकमान, झण्डे वालान और नागपुर को भेजी उस रिपोर्ट के आधार पर ही अमित शाह को यह आदेश संघ की तरफ से दिया गया कि वे खुद जाकर प्रदेश के हालातों का जायजा ले। सूत्रों के मुताबिक आयोध्या प्रकरण को लेकर संघ बहुत चितिंत है।

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ये कहना शायद अनुचित न होगा कि महाराष्ट्र में भाजपा ने ही नहीं बल्कि संघ ने भी अपना एक मजूबत किले को तमाम कोशिशों के बाद भी भरभरा कर गिरते देख लिया। इसलिये वो 2022 में उत्तर प्रदेश को जहां के तीर्थ स्थल माने जाने वाले रामनगरी अयोध्या से जो उसे मिला जिसकी वजह से पूरे देश में कमल दिखने लगा अब पर्दे के पीछे से संघ की सरकार ने भारत का अधिग्रहण कर लिया वो साठ पैंसठ साल की मेहनत को जाया नहीं करना चाहती।

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