Wednesday, Mar 03, 2021
-->
angela-merkels-warning-to-china-europe-if-market-is-not-opened-prsgnt

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने चीन को दी चेतावनी, बाजार नहीं खोला तो पड़ेगा भारी....

  • Updated on 10/5/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना माहमारी के कारण चीन से दुनिया के कई देश नाराज हैं और चीन से अपने सरोकार कम करने में लगे हैं। एक तरफ अमरीका ने चीन से अपने व्यापारिक सबंध लगभग खत्म कर लिए हैं तो वहीँ अब जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने चीन को चेतावनी दी है।  

एंजेला मर्केल ने चीन को अपने बाजारों को खोलने के लिए कहा है और ऐसा न करने पर चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर चीन ने अपने बाजार नहीं खोले तो यूरोपीय बाजारों में चीन के प्रवेश को सीमित कर दिया जाएगा। 

मर्केल ने कहा कि चीन यूरोप के कुछ क्षेत्रों के लिए अपने बाजारों में पाबंदी का रास्ता अगर अपनाएगा तो उसे इसका अंजाम भुगतना होगा। एंजेला मर्केल ने दो दिवसीय यूरोपियन शिखर सम्मेलन में शिरकत की थी जिसके बाद ब्रसेल्स में उन्होंने इस मसले पर बात की। 

इमरान बोले- मेरी मर्जी के बिना कोई जनरल कारगिल पर हमला करता तो मैं इस्तीफा मांग लेता

मर्केल ने कहा कि हम चीन के साथ स्वाभाविक रूप से आपसी पारस्परिक निवेश समझौता चाहते हैं। हमने देखा है कि चीन में प्रवेश में कई बाधाएं बढ़ा दी गई हैं। इन पर भी आगे बात होगी। बता दें, कि जर्मनी यूरोप में बीजिंग द्वारा व्यापार करने के रास्ते को सीमित करने पर विचार कर रहा है और चाहता है कि चीन की तरफ से उसे व्यापारिक सहूलियत मिले।

वहीँ, चीन बांग्लादेश के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ा रहा है।  इस पर मर्केल ने पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, अगर कुछ क्षेत्रों के लिए चीन की ओर से बाजारों में कोई पहुंच नहीं है, तो निश्चित रूप से इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि यूरोपीय बाजार में बाजार की पहुंच कम होगी। 

अमेरिका चुनाव: फेसबुक किया बड़ा फैसला, गलत सूचना वाले विज्ञापनों पर करेगा कार्रवाई

उन्होंने यह भी कहा कि, हम चीन के साथ निवेश समझौते के लिए स्वाभाविक रूप से आपसी सहमति की उम्मीद करते हैं, लेकिन चीन के संबंध काफी परेशानियां हैं, जिस पर चर्चा की जाएगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.