Saturday, May 08, 2021
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पुलवामा हमले पर अन्ना हजारे बोले-  मैं बंदूक नहीं उठा सकता लेकिन....

  • Updated on 2/15/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोकपाल के लिए आंदोलन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भी पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों को लेकर बेहद आहत हुए हैं। आज उन्होंने कहा कि सेना का ट्रक चलाने की ताकत उनमें अभी तक है। अपने अनशन के बाद वह इस समय अस्पताल में भर्ती हैं।

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दरअसल, हजारे एक वक्त सेना में एक चालक थे। वह जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक काफिले पर आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जिसमें कम से 40 जवान शहीद हुए हैं।

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हजारे के हवाले से उनके एक करीबी सहयोगी ने कहा, ‘‘बुजुर्ग होने के कारण मैं बंदूक नहीं उठा सकता लेकिन अगर जरूरत हुई तो मैं देश के लिए लड़ाई करने वाले अपने सैनिकों को पहुंचाने के लिए निश्चित रूप से वाहन चला सकता हूं।’’ 

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अन्ना हजारे 1960 में एक ट्रक चालक के रूप में सेना में शामिल हुये थे। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान वह खेम करन सेक्टर में तैनात थे। बता दें कि पुलवामा हमले को लेकर सभी सियासी दल एकजुट होकर मोदी सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। 

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