Monday, Mar 25, 2019

देहरादून के एक और लाल ने भी दिया देश के लिए सर्वोच्च बलिदान, पिछले साल हुई थी शादी

  • Updated on 2/18/2019

देहरादून/ब्यूरो। अभी नौशेरा में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट की अंतिम यात्रा शुरू भी नहीं हुई थी कि दून के ही एक और लाल की शहादत की सूचना आने से लोग बेहाल हो गए। पुलवामा में बीती रात आतंकियों से हुई भीषण मुठभेड़ में मेजर विभूति ढौंडियाल शहीद हो गए हैं। तीन बहनों के इकलौते भाई विभूति की पिछले साल अप्रैल में ही शादी हुई थी। उनकी पत्नी निकिता कौल दिल्ली में जॉब करती हैं।

शहीद विभूति का परिवार यहां नेशविला रोड क्षेत्र के डंगवाल मार्ग में रहता है। विभूति के दादा स्व. केएन ढौंडियाल और पिता स्व. ओमप्रकाश ढौंडियाल डिफेंस एकाउंट्स से जुड़े विभाग सीडीए में सेवारत थे। मूलरूप से पौड़ी के ढौंढ गांव निवासी विभूति के परिवार में वृद्ध दादी, मां, तीन बहनें और पत्नी हैं।

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ढौंडियाल के परिजन और वरिष्ठ भाजपा नेता विवेकानंद खंडूरी ने बताया कि निकिता आज सुबह ही दिल्ली अपनी जॉब पर लौटी थीं कि तभी यह सूचना मिली। अब वे देहरादून वापस लौट रही हैं। विभूति की मां और दादी को अभी शहादत की सूचना नहीं दी गई है। ओटीए-चेन्नई से पासआउट विभूति की आरंभिक शिक्षा यहां राजपुर रोड स्थित पाइनहॉल और सेंट जोजफ्स एकेडमी से हुई, जबकि स्नातक उन्होंने डीएवी कॉलेज से किया। तीन बहनों में विभूति सबसे छोटे थे।

उनकी शहादत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके निवास पर एकत्र हो गए हैं। पूरे शहर में एक और लाल के शहीद होने से शोक की लहर दौड़ गई है। गौरतलब है कि पुलवामा अटैक के बाद से पिछले चार दिन में दून से देश के लिए यह तीसरी और उत्तराखंड से चौथी शहादत हुई है।

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