Tuesday, Jun 22, 2021
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anti conversion laws are not like this, the figures are seen in the survey anandiben patel prshnt

लव जिहाद कानून ऐसे ही नहीं, सर्वे में दिखे हैं आंकड़े: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

  • Updated on 1/7/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने अपने कार्यालय का एक-डेढ़ साल पूरा करने पर नए रूपांतरण-विरोधी कानून और महिलाओं की सुरक्षा पर बात की। उन्होंने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद आपने विश्वविद्यालय की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कड़े कदम उठाए। फिर महामारी शुरू होते ही सब बदल गया।

 राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, कार्यभार संभालने के बाद मैंने विश्वविद्यालयों के कामकाज, कुलपतियों की नियुक्ति के बारे में पूछताछ शुरू की और महसूस किया कि 2014 से अब तक 260 फाइलें लंबित हैं और एक बार जब मैंने इन फाइलों को देखना शुरू किया, तो मुझे महसूस हुआ कि विसंगतियां हो रही हैं। चीजें सुव्यवस्थित होने लगीं। लेकिन फिर कोरोना आया और जो परिणाम तय किए गये थे वह नहीं आ सके।

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कानून-व्यवस्था की स्थिति में आया सुधार
जब आनंदीबेन पटेल से पूछा गया कि महामारी शुरू होने से पहले आपने बहुत सारे क्षेत्र का दौरा किया, कानून और व्यवस्था के संबंध में आपकी प्रतिक्रिया क्या थी? इस पर उन्होंने कहा, मैंने अपनी यात्राओं के दौरान महिलाओं के साथ बातचीत की, गांवों में गई और काम शुरू करने से संतुष्ट थे। उन्होेंने आगे कहा, लोगों ने मुझे बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले बहुत खराब थी, लेकिन वे इसे अब ठीक और बेहतर पाते हैं। लोगों ने मुझे बताया कि पहले उद्योग यहां नहीं आते थे, लेकिन अब उद्योग भी आने लगे हैं, जिसका मतलव है कि उन्हें लगता है कि अतीत की तुलना में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है।

राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध पर आनंदीबेन ने कहा समाज, परिवारों और व्यक्ति अलग-अलग तरह के होते हैं।  मैं कहूंगा कि बच्चों को संभालना भी परिवार की जिम्मेदारी है। घर में, बेटे और बेटियों के बाहर क्या कर रहे हैं, क्या कोई अप्रिय घटना हो सकती है, इस पर नजर रखने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।

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नया धर्मांतरण-विरोधी कानून और महिलाओं के अपने फैसले
नया धर्मांतरण-विरोधी कानून और महिलाओं के अपने साथी का फैसला करने का अधिकार पर किए गए सवाल पर राज्यपालने कहा जब भी कोई बिल आता है तो वह ऐसे ही नहीं आता है। एक सर्वेक्षण किया गया है जिसमें दिखाया गया है कि कितनी लड़कियों ने शादी की, कितनी समस्याओं का सामना किया, कितनी लड़कियों ने वापसी की, कितनी लड़कियों ने शिकायतें दर्ज कराईं। यहां तक ​​कि माता-पिता गिरफ्तारी की मांग करते हुए आगे आते हैं, यह आरोप लगाते हुए कि लड़के ने अपना नाम बदल दिया।

जब एक सर्वेक्षण के दौरान ऐसी घटनाओं की तेजी से रिपोर्ट की जाती है, तो ऐसी स्थिति में इस तरह का एक विधेयक लाया जाता है और इसे आगे बढ़ाया जाता है। महिलाएं अलग-अलग मुद्दों के साथ मेरे पास आती हैं और आवश्यक हो तो मैं सरकार को मुद्दों का संदर्भ देती हूं।

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किसान आंदोलन पर  बोलीं राज्यपाल
इन सबके अलावा नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन पर आनंदीबेन पटेल ने कहा, वे सभी किसान जो बुद्धिमान हैं, उन्होंने सवाल किया, क्या देश के किसी अन्य हिस्से में विरोध हुआ है? उन्होंने कहा, केवल पंजाब के किसान विरोध में बैठे हैं। जब एक विधेयक लाया जाता है, तो कोई भी चर्चा नहीं करता है कि कौन सा हिस्सा समस्या पैदा कर रहा है। बस इसे वापस लेने की मांग है।

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