Monday, Oct 25, 2021
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ड्रोन-रोधी तकनीक विकसित कर उद्योगों को ट्रांसफर की गई: डीआरडीओ 

  • Updated on 10/14/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि संगठन ने ड्रोन-रोधी प्रौद्योगिकी विकसित कर इसे उन उद्योगों को हस्तांतरित किया है, जिन्होंने देश के सशस्त्र बलों और सुरक्षा बलों से ऑर्डर प्राप्त किए हैं। 

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डीआरडीओ के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने कहा,‘‘डीआरडीओ ने ड्रोन-रोधी प्रौद्योगिकी विकसित की है। इसमें ड्रोन का मुकाबला करने के लिए सभी आवश्यक चीजें हैं, चाहे व ड्रोन का पता लगाना, ट्रैकिंग या निगरानी करना हो।‘‘ रेड्डी सांबा में जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय में डीआरडीओ द्वारा प्रायोजित कलाम सेंटर फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (केसीएसटी) के शिलान्यास समारोह के मौके पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। 

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उन्होंने ने कहा कि प्रौद्योगिकी को कई उद्योगों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिन्होंने देश के सशस्त्र बलों और सुरक्षा बलों से ऑर्डर प्राप्त किए हैं। डीआरडीओ प्रमुख ने कहा,‘’उद्योग उन्हें यह मुहैया करा रहे हैं। वे इसे (सीमा पार से) आने वाले ड्रोन से निपटने के लिए उन तक (सुरक्षा और सशस्त्र बलों) पहुंचाएंगे।‘‘     

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