अध्ययन में यमुना नदी के पानी में पाई गईं एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाएं

  • Updated on 2/12/2019

 नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उत्तर भारत की विशाल नदियों में शामिल यमुना में औद्योगिक प्रदूषण ही नहीं, दवाओं के अंश भी मिले हैं, जिनमें एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं। एम्स द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।

 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय ने 2017 में यह अध्ययन कराया है। 

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उन्होंने बताया कि बहुकेंद्रीय और बहुसंस्थागत अध्ययन का उद्देश्य पानी और तलछट दोनों में नदियों की अक्षय संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल करना था। चौबे ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा किए गए अध्ययन में यमुना नदी में एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाएं पाई गई हैं। 

उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अध्ययन में नदी की पूर्ण एवं सतत निगरानी, जनता के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए घनी आबादी वाले स्थलों में जैव सक्रिय यौगिकों को अलग करने और नष्ट करने की जरूरत रेखांकित की गई है। अध्ययन के परिणाम को भारतीय औषध महानियंत्रक के साथ साझा किया गया है। 

 

 

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