Friday, Sep 30, 2022
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अनुप्रिया पटेल की पार्टी ने 12 सीटें जीतीं, सपा के साथ गईं कृष्णा पटेल हारीं

  • Updated on 3/11/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मां-बेटी (कृष्णा पटेल-अनुप्रिया पटेल) की अगुवाई वाले अपना दल के दोनों घटकों ने किस्मत आजमाई। हालांकि, अनुप्रिया के नेतृत्व वाले अपना दल (सोनेलाल) ने 12 सीटें जीत लीं जबकि दूसरे धड़े का नेतृत्व करने वाली उनकी मां कृष्णा पटेल प्रतापगढ़ में हार गईं। केंद्र सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल (एस) ने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया है जबकि उनकी मां कृष्णा पटेल के अपना दल (कमेरावादी) ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया है। अपना दल (एस) के 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। 

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निर्वाचन आयोग के अनुसार, अपना दल (एस) के 12 उम्मीदवारों को जीत मिली है। इनमें उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और अपना दल (एस) के उम्मीदवार जय कुमार सिंह जैकी ने 78,165 मत पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी के रामेश्वर दयाल को 3,797 मतों के अंतर से हरा दिया। उधर, समाजवादी पार्टी के गठबंधन में शामिल अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल प्रतापगढ़ में गठबंधन की उम्मीदवार रहीं, जिनको कुल 64,699 मत मिले। भारतीय जनता पार्टी के राजेंद्र कुमार ने 89,762 मत पाकर कृष्णा पटेल को 25,063 मतों से हरा दिया। 

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भाजपा गठबंधन ने प्रतापगढ़ सीट पहले अनुप्रिया पटेल के अपना दल (एस) के लिए छोड़ी थी लेकिन अपना दल (कमेरावादी) से मां कृष्णा पटेल के चुनाव मैदान में आने से विपरीत ध्रुवों पर रहने के बावजूद अनुप्रिया ने मां के सम्मान में प्रतापगढ़ से अपनी पार्टी के उम्मीदवार को हटाकर सीट भाजपा को वापस कर दी। उल्लेखनीय है कि अति पिछड़ी कुर्मी बिरादरी से आने वाले डॉक्टर सोनेलाल पटेल ने अपना दल की स्थापना की थी लेकिन उनके निधन के बाद पार्टी का नेतृत्व उनकी पत्?नी कृष्णा पटेल ने संभाला। तब अनुप्रिया अपनी मां के साथ पार्टी की मजबूती के लिए प्रदेश स्तर पर सक्रिय हुईं। 2012 में अपना दल से अनुप्रिया पटेल वाराणसी की रोहनिया सीट से विधानसभा सदस्य चुनी गईं और इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में अपना दल ने भाजपा से गठबंधन किया। लोकसभा चुनाव में इस पार्टी से अनुप्रिया पटेल समेत दो सांसद विजयी हुए लेकिन थोड़े दिनों बाद में मां-बेटी के बीच मतभेद शुरू हो गया। अनुप्रिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली सरकार में भी मंत्री बनाया। 

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अपना दल में मां और बेटी (कृष्णा पटेल-अनुप्रिया पटेल) के बीच टकराव के बाद दो फाड़ होने पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की अगुवाई वाले अपना दल (सोनेलाल) ने 2017 में भाजपा के समझौते से 11 सीटों पर चुनाव लड़ा और नौ सीटों पर उसे जीत मिली। 2017 में अनुप्रिया के दल को कुल पड़े वोटों का 0.98 प्रतिशत और लड़ी सीटों पर 39.21 प्रतिशत मत मिले थे। अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल ने 2017 से पहले दल का गठन किया लेकिन मान्यता न मिलने से वह 2017 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर वाराणसी की रोहनिया विधानसभा सीट से मैदान में उतरीं और उन्हें करीब 10 हजार मत मिले थे। 

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पिछड़ी कुर्मी बिरादरी में अपना दल के संस्थापक दिवंगत डॉक्टर सोनेलाल पटेल (अनुप्रिया के पिता) काफी लोकप्रिय रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, सोनभद्र, बरेली, जालौन, उन्नाव, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती महाराजगंज, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, कानपुर नगर, कानपुर देहात आदि जिलों में कुर्मी बिरादरी चुनाव को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम दोनों कुर्मी बिरादरी से ही आते हैं। 

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