Monday, Sep 20, 2021
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पीरामल कैपिटल की मंजूरी प्राप्त समाधान योजना पर NCLAT का रोक लगाने से इनकार

  • Updated on 7/23/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने शुक्रवार को दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लि. (डीएचएफएल) की समाधान योजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। समाधान योजना के तहत पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस सफल बोलीदाता और अधिग्रहणकर्ता कंपनी है। 63 मून्स फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज की अपील पर सुनवाई करते हुए अपीलीय न्यायाधिकरण ने यह आदेश दिया।  

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चेयरपर्सन ए आई एस चीमा और सदस्य आलोक श्रीवास्तव की दो सदस्यीय पीठ ने इस संदर्भ में 63 मून्स फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज की अपील खारिज कर दी। अपील में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ द्वारा मंजूर समाधान योजना पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश देने का आग्रह किया गया था।  

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इससे पहले, एनसीएलटी ने सात जून को पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लि. की कर्ज में डूबी डीएचएफएल को लेकर समाधान योजना को मंजूरी दे दी थी। कंपनी में डिबेचरधारक 63 मून्स ने याचिका दायर कर अपीलीय न्यायाधिकरण में फैसले को चुनौती दी थी।  अपील में आग्रह किया गया था कि उसने अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष दो याचिकाएं दायर की हैं और जबतक इस पर निर्णय नहीं हो जाता, एनसीएलटी के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगायी जाए।  

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हालांकि एनसीएलएटी ने कहा, ‘‘याचिकाओं में जो आधार दिये गये हैं, उसके तहत अंतरिम आदेश जारी करने का मतलब नजर नहीं आता।’’  अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा, ‘‘यदि अपीलकर्ता (63 मून्स) की दलीलों को प्रतिवादियों के कथनों से तुलना किया जाए, तो हम इसे अंतरिम आदेश पारित करने के लिए उपयुक्त मामला नहीं पाते हैं। हमें नहीं लगता कि स्वीकृत समाधान योजना के संबंध में किसी अंतरिम आदेश को पारित करने की आवश्यकता है।’’ 

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63 मून्स टेक्नोलॉजीज के पास डीएचएफएल में 200 करोड़ रुपये से अधिक के डिबेंचर हैं।  कंपनी के अनुसार एनसीएलटी ने जिस समाधान योजना को मंजूरी दी है, वह एनसीडीधारकों के हितों के खिलाफ है। 

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