Wednesday, Sep 18, 2019
architects will design buildings up to fifty square meters free

पचास वर्ग मीटर तक के भवन निशुल्क डिजाइन करेंगे आर्किटेक्ट

  • Updated on 8/31/2019

देहरादून/ब्यूरो। दून शहर में लगातार गिरते भू-जलस्तर को लेकर देवभूमि आर्किटेक्ट एसोसिएशन की ओर से अभिनव पहल की जा रही है। तय किया गया कि सरकारी प्रयासों से इतर एसोसिएशन अब अपने स्तर पर रेन वॉटर हार्वेसटिंग को लेकर न केवल शहरवासियों को जागरूक करेगी बल्कि इच्छुक लोगों को रेन वॉटर हार्वेसटिंग पिट बनाने में भी हर संभव सहयोग भी करेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंजीकृत 50 वर्ग मीटर तक के भवनों का डिजाइन उनके सदस्य पूरी तरह निशुल्क करेंगे।

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स्थानीय होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में देवभूमि आर्किटेक्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डीके सिंह, सचिव विनय सिंह एवं कोषाध्यक्ष गौरव सिंह के मुताबिक राजधानी बनने के बाद देहरादून शहर पर आबादी से लेकर ट्रैफिक व अन्य हर तरह से बोझ बढ़ा है। शहर के नाले-खाले वर्तमान में भीषण अतिक्रमण की चपेट में हैं। ऐसे में बरसात का जो पानी पहले जमीन को रिचार्च करने का काम करता था वैसा अब नहीं हो पा रहा।

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उन्होंने राजस्थान के कोटा शहर का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां लगातार प्राकृतिक स्रोतों के सूखने एवं अन्य कारणों के चलते भूजलस्तर में भारी गिरावट आई है। ऐसे में दून शहर में भी आने वाले दिनों में इस तरह का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। यही वजह है कि देवभूमि आर्किटेक्ट एसोसिएशन ने इस दिशा में ठोस काम करने की ठानी है। बताया कि उनकी संस्था के सभी सदस्य क्वालिफाइड आर्किटेक्ट हैं जिनका पंजीकरण काउंसिल ऑफ आर्किटेक्ट से है। भविष्य में भी जो एसोसिएशन से जुड़ेगा उसे मानकों के अनुरूप ही इसमें शामिल किया जाएगा।

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ऊर्जा बचत पर जोर

कोषाध्यक्ष गौरव सिंह ने बताया कि निर्माण में ऊर्जा बचत पर विशेष ध्यान उनके एसोसिएशन के सदस्य दे रहे हैं। इसके लिए सौर ऊर्जा लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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सीवर ब्लॉकेज की समस्या होगी दूर

अक्सर शहर की कॉलोनियों में सीवर चोक होने की शिकायतें सुनने को मिलती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह सीवर लाइन में कूड़े आदि के कारण ब्लॉकेज आना है। एसोसिएशन सदस्यों के अनुसार ऐसा न हो इसके लिए उनके द्वारा भवन निर्माण के दौरान रेडिमेट सोक पिट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। बाजार में इस तरह के सोकपिट उपलब्ध हैं। इनमें मौजूद बैक्टिरिया मलबे को समाप्त कर देता है जिससे यह लिक्विड में कनवर्ट हो जाता है।

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