Friday, Jun 09, 2023
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arjun kapoor the reason of yes bank crisis

खुलासा: Yes Bank के इस हालत के पीछे है अर्जुन कपूर का हाथ! सामने आई ये बड़ी वजह

  • Updated on 3/11/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक बार फिर एक बैंक डूबने के कगार पर पहुंच गया है। देश भर में कई शाखाओं वाला ये यस बैंक (yes bank) हालत आज काफी खस्ता हो गई है। इसकी इस हालत की वजह अभी तक सामने नहीं आई है लेकिन केकआर  (KKR) ने बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) को इस सबका जिम्मेदार बताया है।

उन्होंने कहा कि अर्जुन कपूर ने अभी तक जो भी फिल्मों में काम किया है लगभग सभी डूब गई हैं। एक मात्र  2 स्टेस्ट ही एक ऐसी फिल्म थी जो थोड़ी चली थी लेकिन इस फिल्म में अर्जुन कपूर ने यस बैंक (Yes Bank) में काम किया था और अब येस बैंक ही डूब गया। 

आपराधिक साजिश रची
आपको बता दें कि यस बैंक (Yes Bank) के सह-संस्थापक राणा कपूर, दीवान हाउसिंग (DHFL), डीओआईटी अर्बन वेंचर्स कंपनी और डीएचएफएल के प्रवर्तक निदेशक कपिल वधावन (Kapil Wadhawan) के खिलाफ सीबीआई ने आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में FIR दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि कपूर ने यस बैंक के जरिए DHFL को वित्तीय सहायता देने के लिए वधावन के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। इसके बदले में अपने लिए और अपने परिवार के सदस्यों के लिए उनकी कंपनियों के मार्फत अनुचित फायदा लेने की कोशिश की। 

येस बैंक के शेयर में भारी गिरावट
बता दें कि आरबीआई की पाबंदी के बाद से एक ओर जहां यस बैंक के ग्राहक परेशान हैं तो वहीं दूसरी ओर उसके शेयर में भारी गिरावट आ गई है। यस बैंक के शेयर की कीमत 85 प्रतिशत तक गिर चुकी है। हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब किसी बैंक की हालत इस प्रकार खराब हुई हो। इससे पहले भी कई बैंक दिवालिया घोषित हो चुके हैं। कुछ समय पहले ही पीएमसी बैंक घोटाला हुआ। तब सरकार ने ग्राहकों की दिक्कतों को देखते हुए उनके जमा पैसे पर बीमा की राशि को बढ़ा दिया। इस बारे में वित्त वर्ष 2020-21 आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंश्योरेंस गारंटी की सीमा को 1 लाख से बढ़ा कर 5 लाख कर दिया। 

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बैंक तय करेगा, जमाकर्ता को कितने पैसे वापस करने हैं
इस बिल के तहत पब्लिक क्षेत्रों के बैंकों को यह अधिकार दिया जाता है कि बैंक के डूबने या दिवालिया होने के हालत में बैंक तय करेगा कि जमाकर्ता को कितने पैसे वापस करने हैं। इसका मतलब यह है कि अगर बैंक डूब रहा है तो बैंक के साथ आप भी डूब सकते हैं। कोई भी बैंक, इंश्योरेंस कंपनी (Insurance Company) और दूसरे वित्तीय संस्थान के दिवालिया होने की स्थ‍िति में उबारने के लिए यह कानून लाया गया था। इसके तहत पहले जमाकर्ता को एक लाख रुपये की गारंटी दी जाती थी, जिसे बाद में संशोधित कर पांच लाख रुपये कर दिया गया।

होगी बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग
अभी के नियम के अनुसार, अगर कोई बैंक डूबता है तो ग्राहकों को अधिकतम 5 लाख रुपये वापस करने की गारंटी है। वहीं आरबीआई ने भी कहा है कि बैंक के ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है, अगले कुछ दिनों में बैंक के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पर काम किया जायेगा।

 

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