Saturday, Dec 05, 2020

Live Updates: Unlock 7- Day 5

Last Updated: Fri Dec 04 2020 10:05 PM

corona virus

Total Cases

9,606,810

Recovered

9,056,668

Deaths

139,700

  • INDIA9,606,810
  • MAHARASTRA1,837,358
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA887,667
  • TAMIL NADU784,747
  • KERALA614,674
  • NEW DELHI586,125
  • UTTAR PRADESH551,179
  • WEST BENGAL526,780
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA320,017
  • TELANGANA271,492
  • RAJASTHAN268,063
  • HARYANA237,604
  • CHHATTISGARH237,322
  • BIHAR236,778
  • ASSAM212,776
  • GUJARAT209,780
  • MADHYA PRADESH206,128
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB153,308
  • JAMMU & KASHMIR110,224
  • JHARKHAND109,151
  • UTTARAKHAND75,784
  • GOA45,389
  • HIMACHAL PRADESH41,860
  • PUDUCHERRY36,000
  • TRIPURA32,723
  • MANIPUR23,018
  • MEGHALAYA11,810
  • NAGALAND11,186
  • LADAKH8,415
  • SIKKIM4,990
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,723
  • MIZORAM3,881
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,333
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
arnab goswami fir case supeme court said some people need more protection rkdsnt

अर्णब प्राथमिकी: न्यायालय ने कहा, कुछ लोगों को अधिक संरक्षण की जरूरत

  • Updated on 10/26/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने कथित रूप से भड़काने वाली टिप्पणियां करने के मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी के खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकियों की जांच पर रोक लगाने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश का महाराष्ट्र सरकार द्वारा विरोध करने पर सोमवार को कहा कि कुछ व्यक्तियों को अधिक गंभीरता से निशाना बनाया जाता है और उन्हें अधिक संरक्षा की जरूरत है। 

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब महाराष्ट्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने उच्च न्यायालय के 30 जून के आदेश पर सवाल उठाया और कहा कि यह संकेत नहीं दिया जाना चाहिए कि कुछ लोग कानून से ऊपर है। 

CBI जांच : दिशा सालियान मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गेंद बॉम्बे हाई कोर्ट में डाली

पीठ ने कहा, ‘‘कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, कुछ व्यक्तियों को अधिक गंभीरता से निशाना बनाया जाता है। आजकल इस तरह की संस्कृति हो गयी है जिसमें कुछ व्यक्तियों को अधिक संरक्षण की आवश्यकता है।’’ शीर्ष अदालत रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगाने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार की अपील पर सुनवाई कर रही थी। 

ये प्राथमिकी कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान पालघर में साधुओं की पीट-पीट कर हत्या और मुंबई के बांद्रा इलाके में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों के जमावड़े के बारे में टीवी कार्यक्रमों में अर्णब गोस्वामी की टिप्पणियों के संबंध में दर्ज की गयी थीं। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान अर्णब गोस्वामी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि ये प्राथमिकी सही नहीं है और एक राजनीतिक दल ने कई राज्यों में मामले दर्ज कराये हैं।      सिंघवी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी पर रोक लगा दी है और जांच भी निलंबित कर दी है जो नहीं किया जाना चाहिए था। 

'महंगाई डायन' को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बोला हमला

उन्होंने कहा, ‘‘एक आपराधिक मामले में राज्य को जांच नहीं करने के लिये कैसे कहा जा सकता है? आपको भी देखना चाहिए कि यह संदेश नहीं जाये कि कुछ लोग कानून से ऊपर हैं।’’ हालांकि, इस पर पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘यह विशुद्ध रूप से मौखिक मामले से जुड़ा बौद्धिक मसला है। यह कोई हथियार आदि की बरामदगी से संबंधित नहीं है। आप को जांच का अधिकार है लेकिन आप किसी को परेशान नहीं कर सकते। यह इस तरह से नहीं किया जा सकता जैसा किया गया है।’’ पीठ ने सिंघवी से सवाल किया कि वह बतायें कि सरकार क्या नहीं करेगी। 

इस पर सिंघवी ने कहा कि गिरफ्तारी नहीं होगी और पुलिस के सामने पेश होने के लिये अर्णब को 48 घंटे पहले सम्मन जारी किये जायेंगे। महाराष्ट्र सरकार की इस दलील का साल्वे ने विरोध किया कि जांच रोकी नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अर्णब से करीब 17 घंटे पूछताछ कर चुकी है और और समाचार चैनल के संपादकीय कर्मचारियों से करीब 160 घंटे पूछताछ की गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह किसी तरह का मजाक हो रहा है। चैनल के सीईओ, सीएफओ ओर पूरे संपादकीय स्टाफ से पूछताछ की जा चुकी है।’’ 

पराली मामला: सुप्रीम कोर्ट में लोकुर कमेटी की नियुक्ति पर सस्पेंस बरकरार

इस पर पीठ ने कहा, ‘‘हम इस दलील का समर्थन नहीं करते हें कि किसी से सवाल नहीं किये जाने चाहिए।’’ साल्वे ने जब कहा कि व्यक्ति मानहानि का मामला दायर कर सकता है लेकिन यह प्राथमिकी दर्ज करने का मामला नहीं हैं, तो पीठ ने कहा, ‘‘हम आपसे कुछ न कुछ आश्वासन चाहते हैं और कुछ ऐसी स्थिति हैं जिनमे आपको सावधानी बरतनी चाहिए।’’ साल्वे ने कहा कि महाराष्ट्र में उनके चैनल के खिलाफ दर्ज मामलों का विवरण देते हुये एक हलफनामा दाखिल करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता तो राजनीतिक बहस का हिस्सा है।’’ 

पीठ ने कहा, ‘‘हम सोचते हैं कि ऐसे मामलों में हमें मैत्रीपूर्ण होना चाहिए।’’ इसके साथ ही पीठ ने इस मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध कर दिया। पीठ ने उच्च न्यायालय के रोक लगाने के आदेश को हटाने की महाराष्ट्र सरकार की अपील पर कोई आदेश पारित नहीं किया लेकिन अर्णब और अन्य को इस पर नोटिस जारी किये। उच्च न्यायालय ने 30 जून के आदेश में इस तथ्य का जिक्र किया था कि अर्णब गोस्वामी की टिप्पणियां कांग्रेस और उसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर इंगित थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा कोई वक्तव्य नहीं दिया जो विभिन्न सांप्रदायिक समूहों के बीच सार्वजनिक कटुता या हिंसा को उकसाने वाला हो। 

उद्धव का BJP से सवाल- बिहार के लिए टीका मुफ्त, बाकी राज्यों के लोग क्या बांग्लादेश से आए हैं?

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में शीर्ष अदालत की इस टिप्पणी को उद्धृत किया कि भारत की आजादी उस समय तक सुरक्षित रहेगी जब तक पत्रकारों में किसी प्रकार की धमकी या भय के बगैर बोलने का साहस रहेगा। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा था कि समाचार जगत को एक ही दृष्टिकोण का पालन करने के लिये बाध्य किये जाने पर नागरिकों की स्वतंत्रता भी नहीं रह पायेगी।  

बीमा विज्ञापन नियमनों में बदलाव का IRDA ने किया प्रस्ताव

उच्च न्यायालय ने इन दो प्राथमिकी को निरस्त करने के लिये अर्णब गोस्वामी की याचिका अंतिम सुनवाई के लिये स्वीकार करते हुये पुलिस को निर्देश दिया था कि इस मामले का निबटारा होने तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाये। अर्णब के खिलाफ एक प्राथमिकी 21 अप्रैल को पालघर घटना के सिलसिले में नागपुर में दर्ज हुयी थी जिसे बाद में शीर्ष अदालत के निर्देश पर मुंबई के एन एम जोशी मार्ग थाने में स्थानांतरित कर दिया गया और दूसरी प्राथमिकी 29 अप्रैल को बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर एक मस्जिद के निकट प्रवासी कामगारों के एकत्र होने की घटना के संबंध में पायधोनी थाने में दर्ज हुयी थी।  

 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.