Wednesday, Sep 18, 2019
article 370  kashmir issue silent for a month landline service restored

आर्टिकल 370: एक महीने से खामोश थी घाटी, बुधवार आधी रात से लैंडलाइन सर्विस बहाल

  • Updated on 9/5/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। मोदी सरकार (Modi Government) द्वारा जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म करने के फैसले को पूरा एक महीना हो गया है। 5 अगस्त को केंद्र सरकार (Central Government) ने यह फैसला किया था। तब से कश्मीर घाटी के हालात पर पूरी दुनिया की नजर है। आतंकवाद से ग्रस्त घाटी में ऐसे कठिन हालात को सेना और सुरक्षाबलों (Security Forces) ने पूरी मुश्तैदी और धैर्य से संभाला है।

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इस एक महीने में घाटी में लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (NSA Ajit Doval) खुद जाकर लोगों से मिले। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (HM Amit Shah) ने सरपंचों से मुलाकात की। कई तरह की राहत की घोषणा की गई। कर्फ्यू और प्रतिबंध भी धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं और स्थिति सामान्य की ओर लौट रही है। 

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पहुंचा एडवांस राशन
घाटी के लोगों की जरूरत को देखते हुए सरकार ने दो महीने का राशन पिछले महीने ही एडवांस सप्लाई कर दिया था। बर्फबारी में परेशानी को देखते हुए चार महीने का राशन पहले ही एडवांस रखा जाता है। राज्य में चार महीने के लिए पेट्रोल और 22 दिन की जरूरत के लिए एलपीजी की व्यवस्था कर दी गई है। 

कश्मीर सेब के लिए बड़े इंतजाम
5000 करोड़ रुपये की सेब की सरकारी खरीद का ऐलान कर दिया गया है। इस तरह इस बार सेब की 50 फीसदी खरीद सरकार करने जा रही है। इससे सात लाख किसानों को फायदा होगा। पुलवामा में बागानों से सेब लाने के लिए 300 ट्रकों का बंदोबस्त किया गया है।

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घंटे रोज 10वीं-12वीं के फॉर्म भरने के लिए खुल रहे हैं स्कूल
स्कूलों में उपस्थिति अभी नगण्य है। मगर 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए छात्रों के रजिस्ट्रेशन का काम सभी स्कूलों में जारी है। घाटी के बहुत से स्कूल तो सिर्फ रजिस्ट्रेशन के काम के लिए ही सुबह 8 बजे से 10 बजे तक खुल रहे हैं। एक प्रिंसिपल का कहना है कि इस साल हम सिलेबस पूरा तो नहीं करवा पाएंगे मगर फार्म सभी के भरे जाएंगे।

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सरकार के अनुसार कश्मीर के सभी बड़े अस्पताल सामान्य तरीके से काम करने लगें यह सुनिश्चित किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कांसल के अनुसार उपस्थिति धीरे-धीरे बढ़ रही है।

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50,000 वाहन पांच अगस्त से ही खड़े हैं
कश्मीर घाटी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार परिवहन सेवा पूरी तरह से बंद है। इंटर स्टेट ट्रेन सेवा भी नहीं चल रही है। बाजार भी बंद हैं। कुछ बाजार सुबह काफी जल्दी खुलते हैं और सुबह 9 बजे तक बंद हो जाते हैं।

26,000 के करीब टेलीफोन लाइनें चल रही हैं
कश्मीर घाटी के दस जिलों में लैंडलाइन सेवा बहाल हो गई है। इनमें अधिकांश सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों की टेलीफोन लाइनें हैं। मगर मोबाइल टेलीफोन जो आजकल संचार का मुख्य माध्यम है बंद है। यहां तक कि डॉयल करने पर आपातकालीन सेवाओं, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के नंबर भी आउट ऑफ रीच बताए जाते हैं।

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लोगों को आई ये दिक्कतें
अधिकारियों के अनुसार 5 अगस्त से अब तक 4000 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित कई राजनेता भी हैं। 41 वर्षीय श्रीनगर की अफरोजा ने बताया कि दो सप्ताह पहले पुलिस तड़के दो बजे आई और उसके 19 साल के बेटे को उठा ले गई। तब से वह और उसका पति रोज राजबाग पुलिस स्टेशन जाते हैं और अधिकारियों से उनके बेटे को छोड़ देने की प्रार्थना करते हैं। 39 वर्षीय मजीद के 19 साल का भतीजा भी 17 अगस्त से हिरासत में है। मजीद ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि उनके भतीजे पर आरोप क्या हैं।

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5,000 करोड़ का नुकसान, 30 साल में पहली बार डल लेक से भी गायब हैं पर्यटक
5 अगस्त के बाद कश्मीर के पर्यटन उद्योग को बड़े नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। 2 अगस्त को जब सरकार की ओर से पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को कश्मीर छोडऩे की सलाह दी गई, घाटी में 5 लाख से ज्यादा पर्यटक और करीब साढ़े तीन लाख अमरनाथ यात्री थे। अब टूरिज्म पूरी तरह ठप है। शादियों के बड़े कार्यक्रम भी कैंसल हो रहे हैं। गुलजार रहने वाली डल झील सूनी पड़ी है। तीस साल में पहली बार यहां पर्यटक नहीं हैं। हाउसबोट खाली हैं। 

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