Wednesday, Oct 05, 2022
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arun kumar bhagat launched 3 books on emergency

आपातकाल पर अरुण कुमार भगत की 3 पुस्तकों का हुआ लोकार्पण, पूर्व राज्यपाल रहे मौजूद

  • Updated on 11/4/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। रविवार को नई दिल्ली स्थित साहित्य अकादमी (sahitya akademi)  के सभागार में प्रोफेसर अरुण कुमार भगत (Arun Kumar bhagat) की आपातकाल विषय पर तीन पुस्तकों का लोकार्पण किया गया है। इस समारोह में आरएसएस (RSS) के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध पाण्डे (Anirudh Pandey), गुजरात के पूर्व राज्यपाल प्रो. ओमप्रकाश कोहली, के साथ मोतिहारी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा और मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी, भोपाल के पूर्व निर्देशक डां  देवेन्द्र दीपक भी  उपस्थित रहे थे। 

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अरुण कुमार बोले 24 वर्षों से इस विषय पर किया काम 
इस मौके पर प्रो. अरुण कुमार भगत ने कहा कि मैं इस विषय पर करीब 24 वर्षों से कार्य कर रहा हूँ। आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र (Democracy) का काले अध्याय के रूप में देखा जाता है। उस दौर में एक लाख चौबीस हजार लोग गिरफ्तार हुए थे। केवल 19 महीने के उस कालखंड में भारतीय साहित्यकारों ने अपनी रचना से साहित्य को समृद्ध किया। वामपंथ और कांग्रेस के गठबंधन ने आपातकाल विषय पर विश्वविद्यालयों में शोध नहीं होने दिया और इस कारण अकादमिक कार्य नहीं हुए। अत्याचार पर सत्याचार के विजय के प्रतीक के रूप में हर वर्ष दशहरा मनाते हैं, उसी तरह आपातकाल (Emergency) को हर वर्ष याद किया जाना आवश्यक है।  
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आपातकाल पर बहुत कुछ छिपाया गया
मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. देवेन्द्र दीपक (Devendra Deepak) ने कहा कि आज के युग में साहित्य प्रेमी हैं और राष्ट्र के बारे में विचार करते हैं। आपातकाल पर बहुत लिखा गया लेकिन बहुत कुछ सामने नहीं आया । अभी तक संस्थान उनके हाथ में थे जो आपातकाल के समर्थक थे। 

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लोग सच को जानें
वहीं गुजरात के पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. ओमप्रकाश कोहली ने कहा कि अभी तक आपातकाल विषय पर ज्यादा चर्चा नहीं होती है नहीं यह विषय चर्चा में लाया गया है। छात्रों को इस बारे में बताया जाना चाहिए ताकि वह इस काले सच को जान सके। 

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