Friday, Jan 18, 2019

केजरीवाल ने गाय और गोशाला को लेकर भाजपा को लिया आड़े हाथ

  • Updated on 1/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि जो लोग गाय के नाम पर वोट मांगते हैं, उन्हें उनके लिए चारा भी उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब उन्हें बवाना के दौरे में बताया गया कि भाजपा के नेतृत्व वाली एमसीडी ने दो साल से इलाके में एक गोशाला को फंड जारी नहीं किया है। 

अखिलेश बोले- इस बार भी सटीक बैठेगा SP-BSP का गणित, मुंह की खाएगी BJP

विकास मंत्री गोपाल राय के साथ मुख्यमंत्री ने उत्तर पश्चिम जिले में बवाना में दिल्ली सरकार तथा नगर निगम के वित्त पोषित ‘श्री कृष्ण गोशाला’’ का दौरा किया। गोशाला के दौरे के बाद केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा कि आम आदमी पार्टी गाय के नाम पर वोट नहीं मांगती। 

माकपा बोली- आलोक वर्मा को हटाने का फैसला CBI का दूसरा तख्तापलट

गोशाला के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि भाजपा शासित एमसीडी ने दो वर्षों से अपने हिस्से के फंड जारी नहीं किए हैं। इसकी वजह से उन्हें दिक्कतें आ रही हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने गोशाला को अपने हिस्से की निधि जारी कर दी है लेकिन एमसीडी ने अभी तक अपना हिस्सा नहीं दिया।

एयरसेल-मैक्सिस मामले में चिदंबरम को मिली गिरफ्तारी से राहत

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो गाय के नाम पर वोट मांगते हैं उन्हें गायों को चारा भी देना चाहिए।’’ उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्हें गायों के नाम पर वोट मिलते हैं लेकिन वे गायों को चारा देने से इनकार करते हैं जो सही नहीं है। गायों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।’’ 

आलोक वर्मा को हटाने पर कांग्रेस बोली- जांच से डरे हुए हैं पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि मंत्री राय और आप सरकार ने हाल ही में पक्षियों और पशुओं के लिए एक नीति पेश की है। घुम्मन हेड़ा इलाके में एक गोशाला का ‘‘आधुनिकीकरण’’ किया जाएगा।  श्री कृष्ण गोशाला 36 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली है। इसमें 7,740 मवेशी रखे जाने की क्षमता है और वहां 7,552 मवेशी हैं।  

आलोक वर्मा को CBI से हटाने के फैसले से खुश नहीं हैं मल्लिकार्जुन खड़गे

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.