जोशी के समक्ष पेश हुए सुब्रमणियम, NPA पर की राजन की तारीफ

  • Updated on 7/11/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। निर्वतमान मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम ने आज घरेलू बैंकों में फंसे लोन की बढ़ती समस्या यानि एनपीए के हल को लेकर संशय जताया, हालांकि उन्होंने रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की इस समस्या की पहचान करने और हल निकालने के प्रयासों की सराहना की।  

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सूत्रों के मुताबिक भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली प्राक्कलन समिति के सामने गवाही देते हुए सुब्रमणियम इस बात को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे कि बैंकों की एनपीए का संकट अगले एक या दो वर्ष में सुलझा लिया जाएगा। 

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बैंक ऐसा दावा कर रहे हैं कि एनपीए की समस्या से अगले 1 साल में पार पा लिया जाएगा। संसदीय समिति की बैठक में मौजूद एक सदस्य ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा की सुब्रमणियम ने बढ़ते एनपीए की समस्या को लेकर संशय जताया और संकेत दिया की इस दिशा में अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। 

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पूर्व अर्थशास्त्री सुब्रमणियम ने समिति के समक्ष अपनी बात खुलकर रखी और इस अवसर पर कहा कि रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने समस्या की पहचान की। एक अन्य सदस्य ने यह जानकारी दी। सुब्रमणियम ने समस्या से जूझने और उसके समाधान के लिये प्रयास करने के वास्ते राजन की प्रशंसा भी की। 

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उन्होंने इस ओर भी संकेत किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से बड़े कर्जों को अनुमति देने के फैसले प्रभाव में लिए गए। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कैसे ये फैसले किसी के प्रभाव में थे और कौन से ऐसे निर्णय थे। सुब्रमणियम ने यह भी कहा कि बैंकरों में डर का माहौल था और वह खुदरा कर्ज सहित कोई भी कर्ज देने को तैयार नहीं थे। 

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