Friday, Jul 30, 2021
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असदुद्दीन ओवैसी की बढ़ सकती है चिंता, CM नीतीश कुमार से मिले AIMIM के पांचों विधायक

  • Updated on 1/29/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बिहार (Bihar) की सियासत एकबार फिर गरमा गई है, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (All India Majlis‑e‑Ittehadul Muslimeen) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी के विधायकों की गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में हलचल है। सीएम नीतीश से मुलाकात के बाद कयासों के दौर शुरू हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एआईएमआईएम विधायक दल के नेता अख्तरुल ईमान ने कहा कि वह अल्पसंख्यकों के मुद्दे के साथ सीमांचल की समस्याओं और वहां के विकास को लेकर विधायकों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। वहीं गुरुवार को लोजपा विधायक राजकुमार सिंह भी सीएम से मिले। उनका भी यही कहना है कि अपने क्षेत्र के विकास के लिए अख्तरुल ईमान ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। 

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सीमांचल की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से की मुलाकात
अख्तरुल ईमान ने कहा कि हम विधायक हैं और हमारी पार्टी के बाकी विधायक भी सीमांचल से आते हैं। नीतीश कुमार सूबे के मुख्यमंत्री हैं। हम सभी विधायक के नाते मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। सीमाचांल में कटाव कई वर्षों से एक बड़ी समस्या है। कटाव से हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। अब तक उनके पुनर्वास की व्यवस्था नहीं हो पाई है। जनप्रतिनिधि होने के नाते हमलोग सीमांचल की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। 

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मुलाकातों को दी जा रही है राजनीतिक दृष्टि 
दरअसल लोजपा के इकलौते विधायक राजकुमार सिंह गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात की। दो दिनों पहले राजकुमार सिंह शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी से उनके आ‌वास पर मिले थे। दोनों नेताओं से उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारे में खूब चर्चा हो रही है। हालांकि राजकुमार सिंह ने कहा है कि इन मुलाकातों को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। 

इससे पहले जदयू में शामिल हुए बसपा विधायक जमा खां भी अपनी पूर्व की मुलाकातों को क्षेत्र के विकास को लेकर मिलने का बयान दिए थे। वहीं अब अख्तरुल ईमान का मुख्यमंत्री से मुकाल के बाद अलग-अलग कयास लयाए जा रहे हैं। बता दें कि साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने सीमांचल के इलाके में अच्छा प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर जीत का परचम लहराया था।

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नीतीश कुमार का मंत्रिमंडल
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में एक-दो दिनों में विस्तार देखने को मिल सकता है। जेडीयू ने अपने संभावित मंत्रियों के नाम लगभग तय कर लिए हैं। नीतीश कैबिनेट में बीजेपी से शामिल होने वाले नए मंत्रियों की सूची भी बनकर तैयार हो चुकी है, इस सूची पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है। नए मंत्रियों का नाम स्पष्ट होने के तुरंत बाद कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 

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इन नामों पर लग सकती है अंतिम मुहर
नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं में कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें से एक बीजेपी के दिग्गज नेता शाहनवाज हुसैन का नाम भी है। इसके अलावा संजय सरावनी, सम्राट चौधरी, संजीव चौरसिया, भागीरथी देवी, नीतीश मिश्रा, प्रमोद कुमार, राणा रणधीर सिंह, कृष्ण कुमार ऋषि, राम प्रवेश राय और संजय सिंह का नाम शामिल है। हालांकि, मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं की लिस्ट में पार्टी फेरबदल भी कर सकती है।   

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