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asaduddin owaisi slams on amit shah and bhagwat over agitation statement

विरोध प्रदर्शन को लेकर भागवत के बयान पर ओवैसी ने पूछा ये सवाल

  • Updated on 2/16/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि भौतिक सुख बढ़ रहा है फिर भी लोग आंदोलन कर रहे हैं। भागवत के इस बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने उनसे पूछा है कि भागवत ये बताएं कि लोग आंदोलन क्यों कर रहे हैं? ये बात तो साफ है कि ये विरोध भारत के 5 ट्रिलियन इकॉनोमी वाला देश होने के खिलाफ तो नहीं है। 

असदुद्दीन ओवैसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा है कि न्यू इंडिया, 2020 में आपका स्वागत है: यह इतना बुरा भी है कि बीजेपी के वैचारिक अभिभावक अब इसे अनदेखा नहीं कर सकते। भागवत को हालांकि यहां नहीं रुकना चाहिए, उन्हें हमें बताना चाहिए कि हर कोई आंदोलन क्यों कर रहा है? यह निश्चित रूप से '5 मिलियन टन अर्थव्यवस्था' के खिलाफ तो नहीं है। ठीक है ना अमित शाह?

बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भौतिक सुख में कई गुणा वृद्धि के बावजूद समाज में हर कोई नाखुश है और लगातार आंदोलन कर रहा है। गुजरात के अहमदाबाद में व्याख्यान देते हुए भागवत ने कहा कि जो राजनीतिक दल सत्ता में नहीं हैं, वे भी आंदोलन कर रहे हैं।

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‘भारत को धर्म (ज्ञान) देना है'
भागवत ने कहा, ‘ऐशो-आराम में बढ़ोतरी के बावजूद हर कोई नाखुश है और आंदोलन कर रहा है। चाहे वह मालिक हो या नौकर, विपक्षी दल हो या आम आदमी, छात्र हो या शिक्षक, हर कोई नाखुश और असंतुष्ट है।’ संघ प्रमुख ‘वर्तमान विश्व परिदृश्य में भारत की भूमिका’ विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘भारत को धर्म (ज्ञान) देना है, ताकि ज्ञान फैले लेकिन मनुष्य रोबोट न बने। हमने हमेशा वैश्विक परिवार की बात की है न कि वैश्विक बाजार की।’ 

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'वर्तमान दौर में कट्टरता, हिंसा और आतंकवाद बढ़ रहा है'
भागवत ने कहा कि वर्तमान दौर में कट्टरता, हिंसा और आतंकवाद बढ़ रहा है। व्याख्यान का आयोजन ‘माधव स्मृति न्यास’ ने किया था। यह संगठन आरएसएस से जुड़ा हुआ है। संघ प्रमुख ने कहा, ‘यह सोचना कि हम बेहतर दुनिया में जी रहे हैं, अर्द्धसत्य है। सुविधाएं समान रूप से सबको हासिल नहीं हो रही हैं। जंगल का नियम चल रहा है। आगे बढऩे के लिए सक्षम व्यक्ति कमजोर को दबा रहा है। दुनिया में तबाही के लिए ज्ञान का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।’ 

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'सोशल मीडिया का दुरुपयोग'
भागवत ने कहा कि लोग ‘गलत सूचना’ प्रसारित करने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘हर किसी को एक रूप से देखने’ का प्रयास करना भी कट्टरता है। भागवत ने कहा, ‘अमरीका और रूस सुपरपावर हैं। चीन भी सुपर पावर बन जाएगा। सुपर पावर राष्ट्रों ने दूसरों के लिए क्या किया? अपने एजेंडा के लिए वे दूसरे देशों पर नियंत्रण कर लेते हैं। ये सुपर पावर तभी लौटाना शुरू करते हैं जब उन्हें ऐसा करने के लिए कहा जाता है। अन्यथा उन्होंने दूसरों को कभी कुछ नहीं दिया।’ उन्होंने दुख जताया कि भारतीय युवक ‘देश की ज्ञान शक्ति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं और सोचते हैं कि भारत में जो भी अच्छा है वह दूसरे देशों से आया है।’ उन्होंने लोगों से अपील की कि भारत को ज्यादा ताकतवर बनाएं क्योंकि दुनिया ताकतवर की ही सुनती है।’

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