Wednesday, Dec 07, 2022
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एमएस धोनी को लेकर बोले आशीष नेहरा- दिमाग पढ़ने में माहिर हैं माही

  • Updated on 8/18/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अवलिदा कह दिया। ऐसे में अब पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा (Ashish Nehra) ने धोनी को याद करते हुए एक बड़ी बात कही है। नेहरा का कहना है कि धोनी के अंदर दूसरे के दिमाग को पढ़ने की शानदार क्षमता है, जिसके चलते वे टीम को संभालने में काफी कारगर साबित हुए।   

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धोनी की कप्तानी में कई मैच खेल चुके हैं नेहरा
दरअसल, नेहरा ने धोनी की कप्तानी के दौरान काफी मैच खेले हैं। उन्होंने धोनी की अगुवाई में 2011 में विश्व कप भी खेला था, जिसमें भारत ने जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही आईपीएल में भी चेन्नै सुपर किंग्स के साथ भी वे धोना की कप्तानी में खेल चुके हैं। नेहरा ने बताया कि धोनी किस तरह विपरीत परिस्थियों में भी अपने खुद को और टीम को संभाला।

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दलीप ट्रोफी में पहली बार खेलते देखा- नेहरा

नेहरा ने बताया, 'मैंने महेंद्र सिंह धोनी को पहली बार 2004 की सर्दियों की शुरुआत में खेलते देखा था, यह पाकिस्तान दौरे पर जाने से पहले दलीप ट्रोफी के फाइनल मैच था का समय था और मुझे उस दौरान कमर में हल्का दर्द था, लेकिन तब कप्तान सौरभ गांगुली ने मुझे कहा था, आशू फाइनल में खेलो और हमें बताओ कि तुम कैसा महसूस कर रहे हो।'

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धोनी की क्षमता को देखकर हैरान था- नेहरा 
उन्होंने बताया कि 'यही वो समय था जब दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहली बार मैंने एमएस को गेंदबाजी की थी। उस समय मैं 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहा था और उनका एक शॉट जोकि गलत तरीके से लगा लगा इसके बाद भी गेंद सीमा रेखा के पार छह रनों के लिए चली गई। उनकी इसी क्षमता ने मुझे हैरान कर दिया था।

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समय के साथ बेहतर होते चले गए धोनी
नेहरा ने कहा है, 'अगर उनकी विकेटकीपिंग के बारे में बात की जाए तो वह निश्चित रूप से सैयद किरमानी, नयन मोंगिया के स्तर के नहीं थे, लेकिन समय के साथ-साथ उन्होंने अपने आप में कई अहम बदलाव किए और बेहतर होते चले गए। नेहरा ने आगे बताया कि धोनी का व्यवहार सभी खिलाड़ियों के प्रति समान था। उन्होंने बताया कि धोनी कभी किसी खिलाड़ी की न बुराई करते और न उन्हें सुनना पसंद था। 

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