Friday, May 20, 2022
-->
ashok-gehlot-said-rajasthans-people-disappointed-with-budget-albsnt

अशोक गहलोत ने कहा- बजट से राजस्थान की जनता निराश,चुनावी राज्यों को तरजीह

  • Updated on 2/1/2021


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश के संसद पटल पर आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया है। जिसका एक तरफ सत्ता पक्ष ने खुले मन से स्वागत किया है तो विपक्ष ने नाराजगी प्रकट की है। इसी कड़ी में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि राजस्थान का उपेक्षा किया गया। जबकि राजस्थाने से सभी सांसद बीजेपी का ही है।

गृह मंत्री अमित शाह ने बजट को सराहा, कहा- 'आत्मनिर्भर भारत' का मार्ग होगा प्रशस्त

उन्होंने कहा कि यह बजट दरअसल पांच राज्यों का चुनावी बजट तक सीमित रह गया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारिण जिस तरह से लोगों के रोजगार छिने गए है,उसके लिये कुछ भी नहीं है। यानी देश और राजस्थान के युवा एक बार फिर ठगे गए है। साथ ही देश मध्यम करदाताओं को इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव होंगे,यहां भी निराशा हाथ लगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान के सीएम होने के नाते उन्हें आशा थी कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा और हर घर नल योजना में राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा,लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हो सका।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने बजट 2021 को लेकर मोदी सरकार को दी नसीहत

अशोक गहलोत ने कहा कि आज दिल्ली के दहलीज पर किसान आंदोलन पर बैठे हुए है,लेकिन केंद्र सरकार ने बजट में उसका भी कोई ख्याल नहीं रखा। उन्होंने इस बजट को किसान विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में महंगाई पर जिस तरह से प्रभावी रोक लगाने के लिये कदम उठाने थे,वो नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि देश के पांच राज्य-पश्चिम बंगाल,असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने है,जिस पर सरकार का फोकस रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर ऐतराज नहीं है कि इन राज्यों पर ज्यादा मेहरबानी क्यों की गई। लेकिन राजस्थान जैसे राज्यों के साथ ही सभी राज्यों को भी लाभ देना चाहिये।

यहां पढ़ें बजट 2021 से जुड़ी बड़ी खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.