Friday, May 07, 2021
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ashok thakur saidfarmers organization should consider agriculture law with open mind albsnt

बीजेपी नेता अशोक ठाकुर ने कहा- खुले मन से किसान संगठन कृषि कानून पर करें विचार,दें समर्थन

  • Updated on 1/4/2021

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। देश की राजनीति लगातार किसान आंदोलन के इर्द-गिर्द घूमती जा रही है। विपक्ष किसान आंदोलन के बहाने पीएम नरेंद्र मोदी पर लगातार प्रहार करती रही है। तो वहीं मोदी सरकार को तब बड़ी राहत मिली जब कई किसान संगठनों ने सरकार के साथ खड़ा रहने का ऐलान किया है। इसी कड़ी में आज नेफेड डायरेक्टर अशोक ठाकुर ने एक बयान में उन किसान संगठनों को धन्यवाद दिया जिन्होंने कृषि कानून के फायदे को जानने के बाद आंदोलनरत किसानों को भी कानून के सभी पहलुओं को समझने की सलाह दी है।

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किसान संगठनों को त्यागना चाहिये अपना अहम

बीजेपी के वरिष्ठ नेता अशोक ठाकुर ने आज आह्वाण किया कि किसान संगठनों को अब अपना अहम त्यागकर, बिना किसी दबाब के खुले मन से कृषि कानूनों पर सरकार से चर्चा करनी चाहिए । कृषि क़ानूनों को सिरे से नकारना लोकतंत्र, देश की जनता एवं सबसे बड़ी पंचायत संसद का अपमान है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रस्तावों पर विचार करना चाहिए और इन्हें देश के किसानों के लिए लाभकारी क़ानून बनाने के लिए काम करना चाहिए। नेफेड डायरेक्टर ने कहा कि यह तभी संभव होगा जब सभी पक्ष सकारात्मक चर्चा से करेंगे। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की इस तकरार से देश एवं किसानों का भारी नुक़सान होगा।  

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किसान आंदोलन 40 वें दिन में किया प्रवेश

बता दें कि किसान आंदोलन अब 40 वें दिन में प्रवेश कर गया है। एक तरफ केंद्र सरकार से बातचीत का दौर चल रहा है तो दूसरी तरफ कंपकपाती ठंड में भी किसान अपनी मांग पर अड़े हुए है। लेकिन फिलहाल रास्ता निकलता नहीं दिख रहा है। इसी कड़ी में महाराणा प्रताप संघर्ष समिति एवं भारत किसान कल्याण संघ ने कृषि कानून के समर्थन करने की घोषणा की है।

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किसान संगठन कानून पर बंटे

इस बाबत महाराज प्रताप संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर नरेंद्र सिंह पुण्डीर ने कहा है कि वे लोग कृषि कानून का समर्थन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने कृषि कानून को काफी बारीकी से पढ़ा है और इस नतीजे पर पहुंचा कि कानून में कोई खामी नहीं है। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि जब मोदी सरकार लगातार भरोसा दे रही है कि हर हाल में जमीन पर कब्जा उनका कायम रहेगा। तो फिर विरोध करना सही नहीं है। किसानों की आमदनी दोगुनी होने का भरोसा सरकार ने भी दिया है,जिसका हम सब स्वागत करते है।

 

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