Monday, Dec 06, 2021
-->
ashwini upadhyay bjp court common law for temples mosques churches gurudwaras rkdsnt

मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारों को चलाने के लिए एक समान कानून के लिए SC में याचिका

  • Updated on 9/10/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भाजपा नेता व एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर देश के सभी धार्मिक स्थलों के प्रबंधन के लिए एक समान कानून बनाने की गुजारिश की है। याचिका में दलील दी गई है कि जब हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध समुदाय को धार्मिक स्थलों के रखरखाव और प्रबंधन का वैसा ही हक मिलना चाहिए जैसा मुस्लिम, पारसी और इसाई को हासिल है।

जम्मू कश्मीर की मिली-जुली संस्कृति को खत्म करने की कोशिश में RSS, भाजपा: राहुल गांधी

याचिका में यह भी कहा गया है कि हिंदुओं, सिख, जैन और बौद्ध के धार्मिक संस्थानों और स्थलों के रखरखाव और प्रबंधन राज्य सरकारों के हाथों में है और इसके लिए जो कानून है, उसे रद्द किया जाए क्योंकि यह संविधान के प्रावधानों के विपरीत है।

भाजपा ने भवानीपुर से ममता बनर्जी के खिलाफ अपने प्रत्याशी का किया ऐलान

अश्विनी उपाध्याय ने अपनी इस याचिका में केंद्र की मोदी सरकार के गृहमंत्रालय, विधि मंत्रालय और देश भर के सभी राज्यों को प्रतिवादी बनाया है। इसमें दलील दी गई है कि मौजूदा कानून में राज्य सरकारें हिंदुओं, सिख, बौद्ध और जैन के धार्मिक स्थलों को नियंत्रित करते है। अंग्रेजी हकूमत ने 1863 में कानून बनाकर हिदुओं के मंदिर, मठ, सिख, जैन और बौद्ध के धार्मिक स्थलों के नियंत्रण को सरकार को सौंप दिया था।

चुनाव के मद्देनजर किसान संगठनों ने पंजाब और यूपी के लिए अपनी रणनीति का किया ऐलान

मौजूदा कानून में यह भी प्रावधान है कि राज्य सरकारें तमाम मंदिर, गुरुद्वारों का कंट्रोल करें, लेकिन मुस्लिम, पारसी और इसाई के धार्मिक स्थल का नियंत्रण सरकार के हाथ में नहीं है। याचिका में कहा गया है कि सरकारी कंट्रोल की वजह से मंदिर, गुरुद्वारों की हालत खराब हो रही है। 

आयकर विभाग ने दो न्यूज वेबसाइट के परिसर का किया ‘निरीक्षण’, भूषण का सरकार पर हमला


 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.