Tuesday, Feb 18, 2020
attempts to discredit cds rawat failed fact check turned out to be a fake letter

CDS रावत को बदनाम करने की कोशिश हुई नाकाम, Fact Check में फर्जी निकला वायरल पत्र

  • Updated on 1/2/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने 31 दिसंबर 2019 को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद की शपथ ली। जनरल रावत को इस दौरान देश की तमाम बड़ी हस्तियों से बधाई संदेश प्राप्त हुए। बधाई का ये सिलसिला ठीक से खत्म नहीं हुआ तब तक उनके नाम एक लेटर धड़ल्ले से वायरल होने लगा। इस लेटर में दावा किया गया है कि एयरफोर्स और नेवी के मुकाबले थल सेना ने रावत के निर्देशन में बेहतर काम किया।

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इस पत्र में 27 फरवरी 2019 को नौशेरा सेक्टर की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले ऑफिसर्स, जुनियर कमीशंड ऑफिसर, नॉन कमीशंड ऑफिसर और अन्य को उनके योगदान के लिए सैल्यूट किया गया है। पत्र में लिखा गया है, कि 'मैं भारत का पहला चीफ डिफेंस ऑफ स्टाफ नियुक्त हुआ हूं। पूरी कोशिश करुंगा कि एयरफोर्स और नेवी, सेना के रास्ते पर चले और वह भी अच्छे परिणाम दें।'

सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है झूठ-ADGPI

इस चिट्ठी की पड़ताल की गई तो पाया गया कि ये फर्जी है। इस चिट्टी पर पब्लिक रिलेशन यूनिट ADGPI ने अपनी मुहर लगाते हुए चिट्टी में लिखी बातों की सत्यता को सिरे से खारिज करते हुए इस फर्जी बाताया है। उन्होंने  इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए ट्वीट कर कहा कि 'कुछ लोगों द्वारा जनरल सोशल मीडिया पर इस तरह का झूठ परोसा जा रहा है। इससे बचें।'

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पीआईबी ने फैक्ट चेक कर पत्र को बताया फर्जी

इस पत्र में लिखी बातों की सत्यता को परखते हुए भारत सरकार के पत्र और सूचना कार्यालय (PIB) की ओर से  एक फैक्ट चेक किया गया। इस पर पीआईबी ने कहा, 'जनरल बिपिन रावत का एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऐसा कोई पत्र उनके द्वारा नहीं लिखा गया है। यह पत्र पूर्णत: फर्जी है।'

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