Sunday, Mar 29, 2020
Ayodhaya DM join shri ram janmabhoomi teerth kshetra trust

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल होंगे अयोध्या डीएम, मीटिंग में होगा फैसला

  • Updated on 2/19/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अयोध्या (Ayodhya) राम मंदिर (Ram mandir)  को लेकर आज बड़ी घोषणा होने वाली है। इस मंदिर के लिए बनाए गए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (shri ram janmabhoomi teerth) में आज कुछ लोग शामिल होने वाले हैं। इन लोगों में दो आईएएस (IAS) अफसर भी शामिल हैं।वहीं इस ट्रस्ट में अयोध्या डीएम अनुज कुमार झा भी शामिल होने वाले हैं। 

5 फरवरी को ट्रस्ट का हुआ था ऐलान
ट्रस्ट की बैठक में शिलान्यास के मुहूर्त से लेकर निर्माण पूर्ण होने के लिए समयसीमा निर्धारित करने के मुद्दों पर भी चर्चा की जा सकती है। इसमें पारदर्शी तरीकों पर खास तौर पर ध्यान दिया जायेगा ताकि ‌भविष्य में किसी तरह के विवाद से बचा जा सके। इसमें मंदिर के निर्माण के दौरान रामलला के रखने के स्थान को लेकर भी चर्चा की जा सकती है।

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सूत्रों के अनुसार बैठक में न्यास के अन्य पदाधिकारियों के बारे में भी चर्चा की जा सकती है। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत द्वारा राम मंदिर (Ram Mandir) के पक्ष में फैसला देने व मंदिर निर्माण के लिए न्यास के गठन के आदेश पर 5 फरवरी को केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का एलान किया था।

आपको बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल किए गए युगपुरुष स्वामी परमानंद जी महाराज ने मवईधाम में बताया कि भव्य मंदिर का निर्माण प्रभु राम के दिन यानी रामनवमी से ही शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने दोबारा भगवान राम के भव्य मंदिर के दोबारा स्थापित होने और इस ट्रस्ट में खुद के शामिल होने पर अधिकारियों का आभार जताया।

राम मंदिर पर सियासत पर होता था अफसोस
सालों से राम मंदिर के मुद्दे पर सियासत होने पर अफसोस जाहिर करते हुए स्वामी परमानंद ने कहा कि कई बार मंदिर पर सियासत होने पर अफसोस होता था। सिर्फ चुनाव के वक्त ही आंदोलन की बातें की जाती थी। सवाल किए जाते थे तो उनसे भी कोई जवाब नहीं बन पड़ता था। मगर अब सालों का सपना सच होने जा रहा है। ये देखकर खुशी मिलती है।

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मंदिर का मॉडल वही रहेगा जो सालों से देखा है
स्वामी ने उम्मीद जताई कि हालांकि भव्य मंदिर बनने जा रहा है, फिर भी मंदिर का मूल मॉडल वही रहना चाहिए जिसे सालों से देखा है। जिसकी तस्वीर की पूजा की है। मंदिर भव्य होगा, विशाल होगा, मगर पत्थर वही होंगे जिन्हें सालों से तराशा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अस्सी प्रतिशत काम तो पहले से ही हो चुका है। बड़ी-बड़ी मशीनें हैं, रखती चली जाएंगी।

लोग ताना देते थे, महात्मा हो तो भजन करो सियासत नहीं
ट्रस्ट में शामिल स्वामी परमानंद ने भावुक होते हुए कहा कि कई बार लोग ताना देते थे कि महात्मा हो, भजन करो, राजनीति में क्यों पड़े हो। मगर मंदिर बनाना उनके दिल की इच्छा थी, कोई सियासत होती तो कभी की छोड़ चुके होते।

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