Monday, Nov 18, 2019
ayodhya verdict: know the lawyers whose arguments on the court gave historical verdict

Ayodhya Verdict: जानें उन वकीलों को, जिनके दलीलों पर SC ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

  • Updated on 11/9/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने करीब 500 साल पुराने अयोध्या मामले पर अपना फैसला दे दिया। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस की अगुवाई में बनी पांच जजों की पीठ ने फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन का मालिकाना हक राम जन्मभूमि न्यास को दिया। जबकि, मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में दूसरी जगह मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन देने का फैसला सुनाया।

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कोर्ट में करीब 500 वर्ष पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लगातार 40 दिनों तक सुनवाई कर 16 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा बहस अयोध्या की विवादित जमीन के मालिकाना हक को लेकर हुई थी, जिसमें हिंदू व मुस्लिम पक्षकारों के वकीलों की तरफ से कई सारी दलीलें पेश की गई। आइए जानते हैं उन वकीलों और उनकी दलीलों के बारे में जिनके सहारे कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

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हिंदू पक्ष की ओर से इन वकीलों ने रखा तथ्य
1. के. परासरन: 
हिंदू पक्ष की ओर से पूर्व अटार्नी जनरल के. परासरन ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बहस करते हुए पौराणिक तथ्यों के आधार पर मंदिर होने की दलीलें पेश की थी। 

2. रंजीत कुमार: हिंदू पक्षकारों की ओर से पूर्व सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने पूजा का हक मांगने वाले गोपाल सिंह विशारद की ओर से बहस की।

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3. पीएस नरसिम्हा: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिम्हा पेश हुए और उन्होंने पुराणों की दलीलें दी।

4. पीएन मिश्रा: अखिल भारत श्रीराम जन्म भूमि पुनरुद्धार समिति की ओर से पीएन मिश्रा भी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के बहस में शामिल हुए। 

5. सीएस वैद्यनाथन: कोर्ट में सीएस वैद्यनाथन पेश हुए और उन्होंने एएसआइ की रिपोर्ट की प्रासंगिकता व वैधता के आधार पर पक्ष को मजबूत किया।

6. हरिशंकर जैन: अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से हरिशंकर जैन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पेश हुए और उन्होंने मंदिर के पक्ष में दलीलों को रखा था।

7. सुशील कुमार जैन: निर्मोही अखाड़ा की ओर से सुशील कुमार जैन ने सुप्रीम कोर्ट में पेश होते हुए मंदिर पर अपने पक्ष को साझा किया। 

8. जयदीप गुप्ता: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में वरिष्ठ वकील जयदीप गुप्ता निर्वाणी अखाड़ा के धर्मदास की ओर से अदालत में बहस का हिस्सा बने थे।

9. वरुण सिन्हा: हिंदू महासभा के वकील वरुण सिन्हा ने भी मंदिर बनाने के पक्ष में अहम दलीलें पेश की।

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मुस्लिम पक्ष के वकील
1. राजीव धवन:
मुस्लिम पक्षकारों की ओर से मुख्यत: वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पेश हुए और उन्होंने मालिकाना हक के मामले में मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस की थी। 

2. जफरयाब जिलानी:  मुस्लिम पक्षकार की ओर से जफरयाब जिलानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पेश हुए थे और उन्होंने इमाम के वेतन, पुताई आदि के सबूत पेश कर वहां मस्जिद होने का सबूत पेश किया था।

3. निजामुद्दीन पाशा: मुस्लिम पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में निजामुद्दीन पाशा पेश हुए थे। उन्होंने पवित्र कुरान की आयतों के आधार पर देश की सबसे बड़ी अदालत में इस्लामिक कानून पर बहस की थी।

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4. शेखर नाफड़े: मुस्लिम पक्षकारों की ओर से शेखर नाफड़े सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने रेसजुडीकेटा और एस्टोपल के कानूनी सिद्धांत पर यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि मालिकाना हक के केस पर कोर्ट अब सुनवाई नहीं कर सकता।

5. मीनाक्षी अरोड़ा: वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा मुस्लिम पक्ष की ओर पेश हुई थीं। उन्होंने एएसआइ की रिपोर्ट के खिलाफ बहस की थी।

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