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Ayodhya Case Verdict: विवादित जगह पर बनेगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए अलग जमीन

  • Updated on 11/9/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अयोध्या (Ayodhya) राम जन्म भूमि- बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए विवादित जमीन राम जन्मभूमि न्यास को दे दिया है। उच्चतम न्यायालय ने शनिवार को अयोध्या में विवादित स्थल राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हुए केन्द्र सरकार को निर्देश दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिये पांच एकड़ भूमि आवंटित की जाए।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने भारतीय इतिहास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस व्यवस्था के साथ ही करीब 130 साल से चले आ रहे इस संवेदनशील विवाद का पटाक्षेप कर दिया। इस विवाद ने देश के सामाजिक ताने बाने को तार- तार कर दिया था।

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शीर्ष अदालत ने कहा कि मंदिर का निर्माण 'प्रमुख स्थल' पर किया जाना चाहिए और सरकार को उस स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट गठित करना चाहिए जिसके प्रति अधिकांश हिन्दुओं का मानना है कि भगवान राम का जन्म वहीं पर हुआ था। इस स्थान पर 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद थी जिसे कार सेवकों ने छह दिसंबर, 1992 को गिरा दिया था।

संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल थे। पीठ ने कहा कि 2.77 एकड़ की विवादित भूमि का अधिकार राम लला की मूर्ति को सौंप दिया जाये, हालांकि इसका कब्जा केन्द्र सरकार के रिसीवर के पास ही रहेगा।

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इस बीच, एक मुस्लिम पक्षकार के वकील जफरयाब जीलानी ने फैसले पर असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि फैसले का अध्ययन करने के बाद अगली रणनीति तैयार की जायेगी। दूसरी ओर, निर्मोही अखाड़े ने कहा कि उसका दावा खारिज किये जाने का उसे कोई दु:ख नहीं है।

संविधान पीठ ने 2.77 एकड़ विवादित भूमि तीन पक्षकारों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान- के बीच बराबर बराबर बांटने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर 16 अक्टूबर को सुनवाई पूरी की थी। ​​​ 

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मालूम हो कि CJI रंजन गोगई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे है। अयोध्या विवाद को ध्यान में देखते हुए लगातार उत्तर प्रदेश में सुरक्षा को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठकें की है। उन्होंने पुलिस महकमे को शांति भंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश भी दिया है।    

अयोध्या में 4000 जवानों को मुस्तैद कर दिया गया है जो किसी भी परिस्थिति को संभालने के लिये तत्पर रहेंगे। इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विशेष निर्देश भी जारी किया है।

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