Monday, Jan 21, 2019

अयोध्या मामले से अलग हुए जस्टिस यूयू ललित कर चुके हैं सलमान खान और शाह की पैरवी, पढ़ें

  • Updated on 1/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  सालों से विवादस्पद रहा राम मंदिर बाबरी मस्जिद मामले में आज फिर एक नई तारीख मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आज मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 29 जनवरी तय की है। इस मामले पर सुनवाई के लिए पांच जजों की एक बेंच बनाई गई थी जिसमें जस्टिस रंजन गोगोई,जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस एन. वी. रमन्ना,जस्टिस यूयू ललित है लेकिन यूयू ललित ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया है। 

क्यो बेंच से अलग होना का यूयू ललित ने  किया फैसला 
दरअसल मामले में मुस्लिम बोर्ड की तरफ से पक्ष रख रहे राजीव ध्वन ने कहा सुनवाई के दौरान आपत्ति जताते हुए कहा कि 1994 में यूयू ललित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की तरफ से कोर्ट में पेश हुए थे। दरअसल 1994 मेम इस मामले की सुनावई के दौरान यूयू ललित जब वकील थे तब उन्होंने कोर्ट में कल्याण सिंह का पक्ष रखा था। 

महज 10% तक सीमित नहीं रहेगा सामान्य वर्ग आरक्षण, शाह बोले- बढ़ाएंगे...बढ़ाएंगे...

जस्टिस यूयू ललित ने किया संविधान पीठ से अलग होने का फैसला
वकील राजीव धवन के बेंच सवाल उठाये जाने के बाद जस्टिस ललित ने संविधान पीठ से खुद को अलग करने को कहा। चीफ जस्टिस ने कहा है कि जस्टिस ललित अब संविधान पीठ का हिस्सा नहीं रहना चाहते इसलिए अब तारीख तय करने के लिए किसी और दिन बैठेंगे।

जजों की बेंच पर भी उठाए गए सवाल

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन पांच जजों की बेंच पर सवाल उठाया। धवन ने कहा कि ये मामला पहले 3 जजों की पीठ के पास था लेकिन अचानक 5 जजों की पीठ के सामने मामला गया जिसको लेकर कोई न्यायिक आदेश जारी नहीं किया गया। धवन द्धारा संविधान पीठ पर सवाल खड़ा करने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान पीठ का गठन करना चीफ जस्टिस का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि चीफ जस्टिस 5 या 6 जजों की बेंच बनाएं, इसका उनको अधिकार है।

सवर्ण आरक्षणः SC में हारी तो क्या 9वीं अनुसूची को हथियार बनाएगी मोदी सरकार!

सलमान खान और अमित शाह की पैरवी भी की
 9 नवंबर 1957 के जन्में यूयू ललित 1983 से बॉम्बे हाईकोर्ट में इन्होंने बतौर वकील अपने करियर की शुरूआत की।   लेकिन तीन सालों बाद 1986 में ये दिल्ली आ गए और दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी। एक लंबे समय तक वकालत का अनुभव को देखते हुए उन्हें साल 2004 में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील के रूप में नॉमिनेट कर दिया गया।

 जस्टिस यूयू ललित जाने-माने वकील रहे हैं और सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापित फर्जी एनकाउंटर मामले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पक्ष रख चुके हैं। इसके अलावा वो काले हिरण के शिकार के मामले में एक्टर सलमान खान, भ्रष्टाचार मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, जन्मतिथि केस में जनरल वीके सिंह की भी पैरवी कर चुके हैं। साथ ही वो उस पीठ में शामिल थे जिन्होंने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.