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आजम खां योगी राज में ‘भू-माफिया’ घोषित, सपा ने दर्ज कराई कड़ी आपत्ति

  • Updated on 7/19/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) सांसद आजम खां Azam Khan को रामपुर Rampur जिला प्रशासन द्वारा ‘भू-माफिया’ घोषित किये जाने के बाद उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने कहा कि वह किसी के खिलाफ विद्वेष की भावना से कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। विधान परिषद में सपा द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद सरकार ने यह बात कही।  

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उधर, रामपुर Rampur के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जे.पी. गुप्ता ने बताया‘‘सपा सांसद आजम खां Azam Khan के खिलाफ गुरुवार को जमीन पर जबरन कब्जे के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद उनका नाम एंटी-भू माफिया पोर्टल पर बनी सूची में शामिल कर दिया गया है।‘‘ उन्होंने बताया कि उपजिलाधिकारी सदर ने खां का नाम भू-माफिया की श्रेणी में शामिल किया है। उनके खिलाफ जौहर विश्वविद्यालय के लिये जमीन पर जबरन कब्जा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। 

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जिलाधिकारी ए. के. सिंह ने बताया‘‘किसानों का दावा है कि खां Azam Khan ने मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिये उनकी जमीन जोर जबर्दस्ती करके ले ली है।‘‘ उन्होंने बताया कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसने आपराधिक जोर-जबर्दस्ती से किसी की जमीन पर कब्जा कर लिया हो और उस पर अपना दावा बनाये रखता हो, उसे भू-माफिया की श्रेणी में शामिल किया जाता है। 

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हालांकि सपा Samajwadi Party ने खां को भू-माफिया घोषित किये जाने को उनकी तथा जौहर विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने की रामपुर Rampur के जिलाधिकारी की साजिश करार दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खां के खिलाफ रामपुर में दर्ज‘फर्जी मुकदमों’की जांच के लिये विधान परिषद में पार्टी और विपक्ष के नेता अहमद हसन की अगुवाई में 21 सदस्यीय समिति पहले ही गठित की है।  

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उधर, सपा Samajwadi Party सदस्यों ने शुक्रवार को यह मुद्दा राज्य विधानमण्डल में भी उठाया। जहां विधानसभा में सपा सदस्यों ने हाथों में तख्ती लेकर विरोध जताया, वहीं विधान परिषद में भी इस मुद्दे पर सपा और भाजपा के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। विधान परिषद में प्रश्न प्रहर शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने सपा सांसद आजम खां पर फर्जी मुकदमें दर्ज कर उन्हें भू-माफिया घोषित किये जाने पर सदन में अपनी आपत्ति दर्ज करते हुये मांग की कि इस प्रकरण की जांच के लिये सदन की एक सर्वदलीय समिति बना दी जाये। 

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उन्होंने कहा कि आजम खां सपा पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वह प्रदेश विधानसभा के सदस्य और सरकार में मंत्री रह चुके हैं। अब वह सांसद हैं। इतने बड़े नेता के साथ सरकार ऐसी हरकत राजनीतिक द्वेषवश कर रही है और उनका उत्पीडऩ किया जा रहा है। इस पर नेता सदन उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि सर्वदलीय समिति की अभी कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष द्वारा जिस कमेटी का गठन किया गया है अभी उसने ही जांच नहीं की है। 

 उन्होंने कहा कि सभी के साथ समान व्यवहार करने की सरकार की नीति रही है। सरकार किसी के खिलाफ विद्वेष की भावना से कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कोई साधारण व्यक्ति भी किसी के खिलाफ रिपोर्ट लिखाना चाहता है तो सरकार ने उसके लिए आनलाइन रिपोर्ट लिखाने की व्यवस्था कर रखी है। 

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में परीक्षण के बाद ही कार्रवाई की जाती है। शर्मा ने कहा कि सरकार पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो मिथ्यापूर्ण है और सरकार की नीति और नीयत से उनका कोई लेना देना नहीं है। नेता सदन के इस बयान पर सपा के सभी सदस्यों ने हंगामा किया। 
 

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