Wednesday, Jun 19, 2019

आजम खान और मेनका गांधी पर भी चुनाव आयोग ने गिराई गाज

  • Updated on 4/15/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती को सांप्रदायिक बयान देने के कारण अलग-अलग अवधि के लिए चुनाव प्रचार करने से प्रतिबंधित करने के बाद सपा नेता आजम खान और भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

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चुनाव आयोग ने आजम खान पर जहां 72 घंटे का प्रतिबंध लगाया है, वहीं मेनका गांधी पर 48 घंटे की रोक लगाई है। बता दें कि आजम खान ने भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा के खिलाफ इशारों-इशारों में आपत्तिजनक बयान दिया था। जिसको लेकर सियासत गर्मा गई थी। वहीं मेनका गांधी पर अपने एक जनसभा में मुस्लिम वोटरों को धमकाने का आरोप लगा था। आयोग ने इन दोनों ही मामलों में संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है।

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इससे पहले आयोग ने योगी को अगले 72 घंटे तक और मायावती को अगले 48 घंटे तक किसी भी प्रकार के चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेने से रोक दिया है। आयोग ने दोनों नेताओं के खिलाफ अलग अलग आदेश जारी कर दोनों नेताओं के खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिकता से जुड़े बयान देने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुये यह कार्रवाई की है। 

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आयोग प्रधान सचिव अनुज जयपुरिया द्वारा जारी आदेश में योगी और मायावती को कड़ी फटकार लगाते हुये कहा कि दोनों नेता इस अवधि में किसी भी जनसभा, पदयात्रा और रोड शो आदि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इतना ही नहीं वह प्रिंट्स या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में साक्षात्कार भी नहीं दे सकेंगे। 

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मायावती को उत्तर प्रदेश के देवबंद में एक जनसभा के दौरान मुस्लिम मतदाताओं से एक पार्टी को वोट नहीं देने की अपील करने पर आयोग ने चुनाव आचार संहिता का दोषी पाया था। जबकि योगी को मेरठ में एक जनसभा में ‘अली’ और ‘बजरंग बली’ से जुड़े विवादित बयान देने के कारण आचार संहिता का दोषी करार देते हुये भविष्य में ऐसे बयान नहीं देने की चेतावनी जारी की थी।  

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बता दें कि दूसरे चरण के लिए 18 अप्रैल को होने वाले मतदान के मद्देनजर 16 अप्रैल को शाम पांच बजे से प्रचार अभियान थम जायेगा।  उच्चतम न्यायालय ने चुनाव प्रचार के दौरान बसपा प्रमुख मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित रूप से विद्वेष फैलाने वाले भाषणों का सोमवार को संज्ञान लिया और निर्वाचन आयोग से जानना चाहा कि उसने इनके खिलाफ अभ्री तक क्या कार्रवाई की है।

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