Monday, Sep 20, 2021
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पतंजलि ग्रुप का कारोबार 30,000 करोड़ रुपये, अगले 4 साल में कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य 

  • Updated on 7/13/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बाबा रामदेव की अगुवाई वाले पंतजलि समूह ने मंगलवार को कहा कि उसका कारोबार वित्त वर्ष 2020-21 में करीब 30,000 करोड़ रुपये रहा। इसमें रुचि सोया से होने वाला 16,318 करोड़ रुपये का कारोबार शामिल है। पतंजलि ने ऋण समाधान प्रक्रिया के तहत रुचि सोया का अधिग्रहण पिछले वित्त वर्ष में किया था।      रामदेव ने ‘ऑनलाइन’ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पतंजलि समूह का लक्ष्य अपनी कंपनियों को अगले तीन-चार साल में कर्ज मुक्त बनाना है। रुचि सोया के प्रस्तावित अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) से प्राप्त राशि में से बड़े हिस्से का उपयोग कर्ज भुगतान में किया जाएगा। रुचि सोया के ऊपर 3,300 करोड़ रुपये का कर्ज है। 

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उन्होंने दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली समूह की इकाई पतंजलि आयुर्वेद को सूचीबद्ध कराने का संकेत दिया। हालांकि, इसके लिये कोई समयसीमा नहीं बतायी। वित्त वर्ष 2020-21 में पंतजलि आयुर्वेद का कारोबार 9,783.81 करोड़ रुपये रहा। पंतजलि नैचुरल बिस्कुट का कारोबार 2020-21 में 650 करोड़ रुपये जबकि दिव्य फार्मेसी का कारोबार 850 करोड़ रुपये रहा। समूह की खाद्य प्रसंस्करण इकाई पंतजलि एग्रो का कारोबार इस दौरान 1,600 करोड़ रुपये रहा। पतंजलि परिवहन और पंतजलि ग्रामोद्योग का कारोबार 2020-21 में क्रमश: 548 करोड़ रुपये और 396 करोड़ रुपये रहा।

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 समूह की इकाई रुचि सोया इंडस्ट्रीज के प्रदर्शन के बारे में रामदेव ने कहा, ‘‘रुचि सोया के मामले में हमारी वृद्धि 24 प्रतिशत रही। जबकि पंतजलि के मामले में हमारा कारोबार बढ़कर 2020-21 में 14,000 करोड़ रुपये हो गया जो 2019-20 में 11,000 करोड़ रुपये था। हमने अपनी कंपनियों में 10 से 24 प्रतिशत तक की वृद्धि हासिल की है।’’ कोरोना वायरस महामारी के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर पडऩे वाले प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर रामदेव ने कहा, ‘‘इसका बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा क्योंकि हमारी अपनी परिवहन इकाई पंतजलि परिवहन है।’’ 

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समूह रुचि सोया का एफपीओ लाने की तैयारी में है और इससे करीब 4,300 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है। हालांकि, रुचि सोया में पतंजलि की हिस्सेदारी कम किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया। रामदेव ने कहा, ‘‘हमने सेबी के पास दस्तावेज जमा किये हैं और जल्दी ही मंजूरी मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।’’ कंपनी की निवेश योजना के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले पांच साल में हम 5,000 से 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। यह निवेश परिचालन से लेकर कृषि और शोध कार्यों में किया जाएगा।’’      

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