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फिल्म 'खुदगर्ज' की वजह से राकेश रोशन ने ताउम्र गंजे रहने की खाई थी कसम

  • Updated on 7/31/2018

नई​ दिल्ली/टीम डिजिटल। अभी हाल ही में हम सब ने डब्बू अंकल को गोविंदा की फिल्म के गाने 'मय से, मीना से' पर थिरकते देखा था, जिसके बाद से डब्बू अंकल की तो मानो किस्मत ही चमक उठी थी। यह गाना था साल 1987 में आई फिल्म 'खुदगर्ज' का। आज इस फिल्म को रिलीज हुए 31 साल हो गए हैं। इस फिल्म के एक गाने से रातों-रात डब्बू अंकल की गाड़ी ट्रेक पर आ गई, लेकिन एक शख्स और भी था, जिसकी किस्मत इस फिल्म से बिल्कुल बदल गई थी और वो कोई और नहीं अभिनेता राकेश रोशन थे। आपने लंबे समय से राकेश रोशन को बिना बाल के देखा होगा, लेकिन ऐसा क्यों है? आइए आपको बताते हैं इस फिल्म के सुपरहिट होने और राकेश रोशन के गंजे होने का एक मजेदार किस्सा।

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ये सब जानते हैं कि राकेश रोशन अपनी एक्टिंग का जादू बड़े पर्दे पर नहीं दिखा पाए थे, लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और फिल्म प्रोड्यूस करने की ठानी। अपने परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने फिल्मों में छोटे रोल किए, लेकिन इसके बावजूद भी उनका करियर खत्म होने कि कगार पर था। 

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फिल्मों में अपने एक्टिंग करियर का ग्राफ लगातार गिरते देख राकेश ने फिल्म प्रोड्यूस करने का मन बनाया, पर यहां भी उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। साल 1986 में उन्होंने फिल्म 'भगवान दादा' प्रोड्यूस की, जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। इस फिल्म के बाद तो मानो राकेश का करियर पूरी तरह बर्बाद हो चुका था।  

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राकेश रोशन ने अब भी हिम्मत नहीं हारी थी। फ्लॉप एक्टर और प्रोड्यूसर के लेबल के साथ राकेश ने अब फिल्म डायरेक्शन में करियर बनाने का फैसला किया। हालांकि यह कोई आसान काम नहीं था। ये जानते हुए भी कि उनका करियर अभी तक खास कमाल नहीं कर पाया है, उसके बाद भी फिल्म डायरेक्ट करना एक बहुत बड़ी बात थी। 

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उन्होंने मल्टी स्टारर फिल्म 'खुदगर्ज' को डायरेक्ट किया। यह फिल्म उनकी निर्देशक के तौर पर पहली फिल्म थी। इस फिल्म में जितेंद्र, गोविंदा और नीलम जैसे कई बड़े कलाकार शामिल थे। फिल्म की रिलीज से पहले राकेश रोशन ने तिरुपति जाकर फिल्म के लिए मन्नत मांगी। उन्होंने मन्नत मांगते हुए कहा कि अगर यह फिल्म हिट हो जाती है तो वह हमेशा गंजे रहेंगे। 31 जुलाई 1987 के रिलीज हुई यह फिल्म सुपरहिट हो गई। उनकी इस मन्नत के साथ ही उनकी सक्सेस स्टोरी अब शुरू हो चुकी थी। 

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इस फिल्म के बारे में बात करते हुए राकेश ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'जब मैं फिल्म 'खुदगर्ज' के प्रीमियर पर अपनी Mercedes में अपनी पत्नी के साथ जा रहा था तो, रास्ते में  मैंने उनसे कहा कि अगर यह फिल्म फ्लॉप हो जाती है तो इस गाड़ी में यह हमारी आखिरी राइड होगी। पर भगवान का शुक्र है कि यह फिल्म हिट रही, जिससे मेरी किस्मत बदल गई।'

राकेश ने 'खुदगर्ज'  के हिट हो जाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने बैक टू बैक इंडस्ट्री को कई बड़ी हिट फिल्में दीं, जिसमें 'खून भरी मांग', 'करम अर्जुन' और 'कहो न प्यार है' जैसी फिल्में शामिल हैं। 


 

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