Thursday, May 06, 2021
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bank of maharashtra, three more banks to be private process starts in 6 months prshnt

बैंक ऑफ महाराष्ट्र महित तीन और बैंक होंगे प्राइवेट, 6 महीने में Process शुरू

  • Updated on 2/16/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सरकार ने 4 सरकारी बैंकों (Government Bank) को निजी (private) बैंक बनाने के लिए चुन लिया है। इसमें से 3 बैंक छोटे हैं। एक बड़ा बैंक है। 3 छोटे बैंकों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra), इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और सैंट्रल बैंक (Central Bank of India) हैं, जबकि बड़ा बैंक है, बैंक ऑफ इंडिया। इनके प्राइवेटाइजेशन का प्रोसैस शुरू होने में 6 महीने लगेंगे। सरकार ने बजट में 2 बैंकों में हिस्सा बेचने की बात कही थी, लेकिन मोदी सरकार देश में कुछ बड़े सरकारी बैंकों को ही चलाने के पक्ष में है।

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लाखों कर्मचारियों की नौकरियों पर भी खतरा
देश में बड़े सरकारी बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक (एस.बीआई.), पंजाब नैशनल बैंक (पी.एन.बी.), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक हैं। कुल 23 सरकारी बैंकों में से कई बैंकों को बड़े बैंकों में मिला दिया गया है। इसमें देना बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, इलाहाबाद बैंक और सिंडीकेट बैंक भी शामिल हैं।

हालांकि, सरकारी बैंकों को निजी बैंक बनाने से राजनीतिक दल बचते रहे हैं, क्योंकि इसमें लाखों कर्मचारियों की नौकरियों पर भी खतरा रहता है। हालांकि सरकार यह पहले ही कह चुकी है कि बैंकों को कम करने या निजी करने की स्थिति में कर्मचारियों की नौकरी नहीं जाएगी।

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ओवरसीज बैंक का मार्कीट कैप 18 हजार करोड़
देश में बैंक ऑफ इंडिया छठे नंबर का बैंक है, जबकि 7वें पर सैंट्रल बैंक है। इनके बाद इंडियन ओवरसीज और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का नंबर आता है। बैंक ऑफ इंडिया का मार्कीट कैपिटलाइजेशन 19 हजार 268 करोड़ रुपए है, जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक का मार्कीट कैप 18 हजार करोड़, बैंक ऑफ महाराष्ट्र का 10 हजार 443 करोड़ और सैंट्रल बैंक का 8 हजार 190 करोड़ रुपए है।

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यूनियन के विरोध का डर
सरकार को डर है कि बैंकों को बेचने की स्थिति में बैंक यूनियन विरोध पर उतर सकती हैं, इसलिए वह बारी-बारी से इन्हें बेचने की कोशिश करेगी।

बैंक ऑफ इंडिया के पास 50,000 कर्मचारी हैं जबकि सैंट्रल बैंक में 33,000 कर्मचारी हैं। इंडियन ओवरसीज बैंक में 26,000 और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 13,000 कर्मचारी हैं। इस तरह कुल मिलाकर एक लाख से ज्यादा कर्मचारी इन चारों बैंकों में हैं। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में कम कर्मचारी हैं, इसलिए इसे प्राइवेट बनाने में आसानी रहेगी।

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15 मार्च से दो दिन की हड़ताल का आह्वान
बता दें कि हाल ही में बैंक कर्मचारियों के नौ संगठनों का शीर्ष निकाय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने सार्वजिक क्षेत्र के दो बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में 15 मार्च से दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह अपने बजट भाषण में विनिवेश कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की। 

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