Wednesday, Apr 01, 2020
bar association disagrees with justice arun mishra on pm modis tariff

बार एसोसिएशन ने पीएम मोदी की तारीफ पर न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा से जताई असहमति

  • Updated on 2/27/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन ने इंटरनेशनल ज्यूडीशियल कांफ्रेस में शीर्ष अदालत के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा द्वारा पीएम नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) की प्रशंसा  को लेकर असहमति व्यक्त की है। उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि न्यायमूर्ति मिश्रा के बयान का उसने बहुत ही पीड़ा  के साथ संज्ञान लिया है।  

CJI के खिलाफ साजिश का दावा: SC ने न्यायपालिका के प्रति रूख पर जताई नाराजगी  

न्यायपालिका की स्वतंत्रता बरकरार रखना जरुरी

एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे और इसके दूसरे सदस्यों के हस्ताक्षर वाले बयान में कहा गया है कि एससीबीए उपरोक्त बयान पर अपनी कड़ी असहमति व्यक्त करती है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है। एससीबीए का मानना है कि संविधान के अंतर्गत न्यायपालिका की स्वतंत्रता बुनियादी ढांचा है और इस स्वतंत्रता को अक्षरश: संरक्षित करना होगा। 

  राजधानी की हालत को SC ने भी बताया निराशाजनक, कहा- गैस चैम्बर है दिल्ली, अच्छा है यहां न रहें  

राजनेताओं से नजदीकी में बरतें सावधानी

एससीबीए ने कहा कि  ऐसा कोई भी बयान ‘न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कम करके’ परिलक्षित करता है और इसलिए वह न्यायाधीशों से अनुरोध करती है कि भविष्य में न तो ऐसे बयान दें और न ही उच्चतर पदाधिकारियों सहित कार्यपालिका के साथ किसी प्रकार की नजदीकी दिखायें। एसोसिएशन ने कहा कि एससीबीए का यह मानना रहा है कि इस तरह की निकटता न्यायाधीशों के निर्णय लेने की प्रक्रिया पर असर डाल सकती है और वाद के नतीजों को लेकर वादियों के मन में संदेह पैदा कर सकती है।  

शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई

अरुण मिश्रा ने पीएम मोदी की तारिफ की थी

मालूम हो कि न्यायमूर्ति मिश्रा ने 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूरि भूरि प्रशंसा की थी और उन्हें अंतराष्ट्रीय स्तर का स्वप्नदर्शी बताया था। उन्होने मोदी को बहुमुखी प्रतिभा वाला बताया था जो वैश्विक स्तर का सोचते हैं और स्थानीय स्तर पर काम करते हैं।  न्यायमूर्ति मिश्रा ने सम्मेलन उद्घाटन कार्यक्रम में धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुये प्रधानमंत्री और केन्द्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद को 1500 पुराने हो चुके कानूनों को खत्म करने के लिये बधाई भी दी थी।  

comments

.
.
.
.
.