चुनावों से पूर्व ‘लोक-लुभावन घोषणाओं की बाढ़’

  • Updated on 1/22/2019

जब भी चुनाव निकट आते हैं विभिन्न पाॢटयां मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रलोभनों का पिटारा खोल देती हैं। इसी वर्ष लोकसभा व हरियाणा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्टï्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश आदि के विधानसभा चुनावों के दृष्टिïगत केंद्र और राज्य सरकारों ने मतदाताओं के लिए अनेक लोक-लुभावन घोषणाएं करनी शुरू कर दी हैं। 

11 जनवरी को ओडिशा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने प्रत्येक गरीब परिवार को 4 एल.ई.डी. बल्ब देने की घोषणा करने के अलावा आंगनबाड़ी वर्करोंं का मानदेय 6000 रुपए से बढ़ा कर 7500 रुपए व मिनी आंगनबाड़ी वर्करों का मानदेय 4125 रुपए से 5375 रुपए मासिक करने की घोषणा कर दी है।

62 वर्ष की आयु में रिटायर होने पर आंगनबाड़ी वर्करों, मिनी आंगनबाड़ी वर्करों तथा हैल्परों को क्रमश: 20,000 रुपए, 15,000 रुपए और 10,000 रुपए की एकमुश्त राशि देने की भी घोषणा की है। 

13 जनवरी को गुजरात की भाजपा सरकार ने अपने राज्य में गरीब सवर्णों को नौकरी और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी व्यवस्था को लागू करने की घोषणा की और इस प्रकार गरीब सवर्णों को आरक्षण देने वाला वह देश का पहला राज्य बन गया। 

16 जनवरी को पंजाब की कांग्रेस सरकार ने विधायकों की लम्बे समय से चली आ रही मांग के मद्देनजर लोकसभा चुनाव से पहले सभी हलकों के लिए विधायकों को 5-5 करोड़ रुपए का फंड देने की घोषणा की है।

यही नहीं, पंजाब सरकार द्वारा अपने 37,000 तदर्थ, दैनिक वेतनभोगी, अस्थायी, वर्कचाज्र्ड तथा आऊटसोर्स किए हुए कर्मियों को नियमित करने की तैयारी भी की जा रही है। इसी प्रकार पंजाब पावर सप्लाई कार्पोरेशन ने अंतिम निर्णय होने तक राज्य की गौशालाओं को मुफ्त बिजली सप्लाई के बिलों की वसूली फिलहाल रोकने का निर्णय किया है। 

17 जनवरी को रेल मंत्रालय ने कर्मचारी संगठनों की बेहद पुरानी मांग स्वीकार करते हुए गार्ड, लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को दिए जाने वाले रङ्क्षनग भत्ते में दोगुणा से अधिक वृद्धि कर दी है। इससे रेलवे पर प्रतिवर्ष 1225 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 

19 जनवरी को राजस्थान सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश में सभी श्रेणियों के परिवारों को एक रुपए किलो गेहूं मिलेगी। राज्य सरकार ने बी.पी.एल. के साथ ही गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों को भी एक रुपए प्रति किलो गेहूं देने का निर्णय लिया है। 

यही नहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य बिजली विभाग के अधिकारियों को 6 महीने के भीतर 1 लाख बिजली कनैक्शन उन सब किसानों को जारी करने का आदेश दिया है जो अपनी जमानत राशि जमा करवा चुके हैं। 

हरियाणा में इन दिनों सरकारी नौकरियों की बरसात हो रही है। 20 जनवरी को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने चतुर्थ श्रेणी के विभिन्न पदों के लिए ली गई परीक्षा का परिणाम मात्र 2 महीनों के रिकार्ड समय में घोषित कर दिया है। इसके अंतर्गत 18,218 चपरासियों, बेलदारों, पशु परिचारकों, सहायकों तथा मालियों की नियुक्ति की जानी है।  

यही नहीं, चुनावों से पहले के प्रलोभनों की कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार पैंशन योजनाओं में भी हिन्दुत्व का तड़का लगाने जा रही है और इस शृंखला में जनवरी में जिला मुख्यालयों एवं विधानसभा क्षेत्रों में लगने वाले शिविरों में अन्यों के अलावा साधु-संतों को भी पात्रता के अनुसार पैंशन योजनाओं द्वारा संतुष्टï करने का निर्णय किया है।

मतदाताओं या जनता के लिए लोक-लुभावन योजनाएं प्रस्तुत करना कोई नई बात नहीं है परंतु इन सब पर चुनावों से 6 मास पूर्व प्रतिबंध लग जाना चाहिए ताकि मतदाता इनसे प्रभावित न हो सकें और सरकारों को जो भी करना है वे उसे अपने कार्यकाल के शुरूआती चार-साढ़े चार वर्षों में पूरा कर लें।                                                             —विजय कुमार 

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