Monday, Sep 27, 2021
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इस साल बारिश से नहीं गिरा बेगमपुर मस्जिद का हिस्सा: एएसआई

  • Updated on 9/15/2021

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। दक्षिण दिल्ली के हौजखास में बनी बेगमपुर मस्जिद की छत बारिश के चलते गिरने की बात इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को टैग करते हुए ट्वीट पर शेयर की, उन्होंने कुछ फोटो भी डाली जिसमें इमारत की छत नहीं है। इस फोटो ने एएसआई को कटघरे में खडा कर दिया। बात यही खत्म नहीं हुई केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी को ट्वीट कर आम आदमी पार्टी के मालवीय नगर से विधायक सोमनाथ भारती ने मूल रूप में बहाल करने की दरख्वास्त लगा दी। लेकिन अब पूरे मामले को लेकर एएसआई ने भी अपना बयान जारी कर कहा है कि यह छत पहले से गिरी हुई थी।
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एएसआई ने कहा साल 2019 के बाद नहीं गिरी कोई छत
मामला सोमवार शाम का है जब पहली बार इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल ने मस्जिद को लेकर फोटो शेयर की थी। विलियम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि बारिश की वजह से मस्जिद की छत ढह गई, जिसकी वजह एएसआई की अनदेखी है। यदि बेहतर प्रबंधन के साथ इस विशाल मध्ययुगीन इमारत पर ध्यान दिया जाए तो यह एक प्रमुख राजस्व कमाने वाले पर्यटन स्थल के रूप से विकसित हो सकता है। वहीं इतिहासकार और लेखक राणा सफवी ने भी मस्जिद का दौरा करने व संरक्षण की बात कही है। इन आरोपों को लेकर एएसआई का कहना है कि साल 2019 के लगभग छत का कुछ भाग टूटकर गिरा था लेकिन अभी हुई बारिश में बेगमपुर मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। 
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लगाए गए हैं पीलर
एएसआई ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर बेगमपुर मस्जिद को बचाने को बचाने के लिए एएसआई ने पीलर लगाए हैं ताकि छत को रोका जा सके। साथ ही बगल में बहने वाले नाले को साफ किया जा रहा है, जिसमें पुराना मलबा गिरा हुआ थ और पानी ओवर फ्लो होकर इमारत को नुकसान पहुंचा रहा था। उसी मलबे को देखकर विलियम ने हो सकता है यह ट्वीट किया हो। लेकिन वो पहले और बाद की फोटो जो दिखा रहे हैं वो बेगमपुर मस्जिद के अलग-अलग भागों की है। जोकि हमेशा से टूटी ही हुई थी।
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क्या है इतिहास
इसका निर्माण मोहम्मद बिन तुगलक के प्रधानमंत्री खान-ए-जहां-जुनानशाह ने करीब 1350 ईसवीं में करवाया था। कहा जाता है कि इसका निर्माण मंगोलों के लगातार हो रहे आक्रमण से बचने के लिए किया गया था। 
 

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