Wednesday, May 12, 2021
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एक्जिट पोलः प. बंगाल में तो अब भी आप अंदाजा ही लगाते रहिये!

  • Updated on 4/30/2021

नई दिल्ली/अकु श्रीवास्तव। महामारी के बीच लंबी और थकाऊ आठ चरण की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक्जिट पोल को लेकर समाचार चैनल जो भी कह सुन रहे हैं, काफी हद तक अपेक्षित है। पांच राज्यों के नतीजों के लिए अभी दो दिन और इंतजार करना होगा। सभी नजरें बंगाल पर हैं और बंगाल को लेकर एक्जिट पोल सबसे ज्यादा असमंजस दिखा रहे हैं। वहां अगर किसी को भी बहुमत, न मिले यानी हंग असेंबली के आसार दिखते हैं।

वैसे ज्यादातर चैनल केरल और असम में मौजूदा सरकारों की सफलतापूर्वक वापसी का दावा कर रहे हैं। अगर इन एक्जिट पोल के पिछले इतिहास पर नजर डाली जाए तो इस तरह के अलग-अलग निष्कर्ष आपको बिल्कुल नहीं चौंकाते। हम सब इनके ऐसे नतीजों के आदी हो चुके हैं। लेकिन यह तय है कि केरल, तमिलनाड़, असम और पुदुचेरी को लेकर लगभग वही निष्कर्ष दिख रहे हैं जो पहले से तय माने जा रहे थे।

पांच में से तीन बड़े राज्यों केरल, बंगाल और असम के बारे में एक्जिट पोल भी बता रहे हैं कि यहां कांग्रेस का पत्ता साफ है। केरल में हम सभी को लगता था कि वामपंथी दलों की देश में अकेले पताका थामने का काम अगर कोई कर सकता है तो वो विजयन ही हैं। पर यह अंतर इतना बड़ा होगा, यह कहा नहीं जा रहा था। 140 सदस्यीय विधानसभा में यह पहली बार होने जा रहा है कि कोई सरकार, वो भी सत्तारूढ़ 100 सदस्यों से ज्यादा के साथ वापसी की ओर दिख रही है। ऐसा भी तब हो रहा है जब देश के विपक्ष का चेहरा बने राहुल गांधी ने यहां दिन रात एक कर दिया।

काफी समाचार चैनल इस पक्ष में हैं कि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन (परम्परागत रूप से इस बार सत्ता की कांग्रेस की ही बारी थी) बड़े अंतर से पीछे रह जाएगा। यह भी उल्लेखनीय है कि इसी राज्य से राहुल गांधी सांसद हैं। असम मेंं भारतीय जनता पार्टी अपेक्षित रूप से आगे दिख रही है पर कई चैनल यह अंतर कम दिखा रहे हैं। यहां चुनाव

नतीजों के बाद यह देखना सबसे ज्यादा रूचिकर होगा कि भाजपा की सत्ता आने की दिशा में सर्वानंद सोनेवाल के पास ही सत्ता रहेगी या उनके नंबर दो रहे हेमंत बिश्वा सरमा के पास आ जाएगी। खास तौर से इस चुनाव में उनकी भूमिका को देखते हुए। तमिलनाडु में द्रमुक के लिए सत्ता का द्वार खुलने के पूरे आसार हैं और वो भी बड़े स्तर पर। पुदुचेरी में भी अपेक्षित एनडीए का आना सभी तय मान रहे हैं।

लेकिन असली खेल तो पश्चिम बंगाल में है जहां कुछ एक चैनल को छोड़ सभी बड़ी कांटे की टक्कर बता रहे हैं। प्रमुख रूप से इंडिया टीवी- जन की बात एक्जिट पोल बंगाल में भाजपा को स्पष्ट (162-185) सीटें दे रहा है जबकि तृणमूल को 104 से 101 सीटें ही दे रहा है। रिपब्लिक- सीएनएक्स भी बंगाल में भाजपा को 138-148 तथा तृणमूल को 128-133 सीट बता रहा है। लेफ्ट 6-8 और कांग्रेस 6-9 सीटों पर सिमटती बताई गई हैं।

दूसरी तरफ कुछ एक्जिट पोल में राज्य में तृणमूल की सरकार भी बनती दिखाई जा रही है। इनमें एबीपी-सीवोटर ममता की तृणमूल कांग्रेस को 152-164 सीटें और भाजपा को 109-121 तक सीटों दे रहा है। टीवी-9 भारतवर्ष भी तृणमूल का पलड़ा भाजपा से हल्का सा भारी बता रहा है। वह तृणमूल को 142 से 152 तथा भाजपा को 125 से 135 तक सीटें दे रहा है। आजतक का भी एक्जिट पोल सातवें चरण तक तो भाजपा को बढ़त दिखा रहा था पर अंतिम चरण में टक्कर ऐसी दिखा दी कि आप समझ ही नहीं सकते कि सरकार किसकी बनेगी।

सबसे ताज्जुब तो वामपंथियों और कांग्रेस के हालात को देख कर हो रहा है। वैसे अगर सभी एक्जिट पोल को मिलाकर औसत (पोल ऑफ पोल्स) देखा जाए तो भी स्थिति कांटे की है। पर हमें यह ध्यान रखना होगा कि बंगाल में हमेशा से एक्जिट पोल का मिजाज ही नहीं रहा है। वहां का वोटर इतना चुप रहता है कि आप किसी भी निर्णय पर पहुंच ही नहीं सकते। और शायद इसकी प्रतिध्वनि इन एक्जिट पोल में भी दिखती नजर आ रही है। कुल मिलाकर जीत हार को अगर एक तरफ भी रख दें तो भी भाजपा बंगाल में रणनीतिक प्रशांत किशोर से शर्त जीतती दिख रही है जिसके अनुसार भाजपा तीन अंकों में नहीं पहुंच पाएगी।

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