Thursday, Aug 16, 2018

हाईकमान के इशारे पर ही दिया था भगवंत मान ने ‘मजीठिया से माफी’ पर इस्तीफा-सुखपाल खैहरा

  • Updated on 8/9/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी के धड़ों में चल रहे आरोप-प्रत्यारोपों में बुधवार को सुखपाल सिंह खैहरा ने सांसद भगवंत मान पर तीखा हमला किया है। खैहरा ने कहा कि नशे के मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया से अरविंद केजरीवाल द्वारा माफी मांगने के बाद भगवंत मान द्वारा दिया गया इस्तीफा असल में पार्टी की ‘स्ट्रैटेजी’ का हिस्सा था। हाईकमान के कहने पर ही भगवंत मान ने तत्काल इस्तीफे का ऐलान कर दिया था लेकिन पहले से तय होने के कारण उस इस्तीफे को मंजूर नहीं किया गया। खैहरा ने कहा कि यह खुलासा खुद मनीष सिसौदिया ने उनसे किया था। 

मान द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए खैहरा ने कहा कि मैं जबसे राजनीति में आया हूं, कभी उसूलों से समझौता नहीं किया और लगातार लोगों व पंजाब के लिए लड़ता आया हूं, लेकिन भगवंत मान ही हैं जो 3 पाॢटयां और विचारधारा बदल चुके हैं। खैहरा ने कहा कि भगवंत मान पंजाब के लोगों को स्पष्ट करें कि अरविंद केजरीवाल द्वारा मजीठिया से माफी मांगने के बाद जिस मुद्दे पर उसने इस्तीफा दिया था, क्या अब वह सही हो चुका है और मान ने केजरीवाल की माफी को समर्थन दे दिया है।

खैहरा ने भगवंत मान पर पलटवार करते हुए कहा कि मान ने खुद तो पिछले एक वर्ष के दौरान पार्टी का हाल तक नहीं पूछा। न वह किसी से मिले, न पंजाब में कहीं दौरे पर गए। उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं थी कि मान उनके खिलाफ ऐसा बयान देंगे। खैहरा ने कहा कि नेता विपक्ष की कुर्सी छीनने के बाद भी उन्होंने पंजाब के मुद्दों पर बोलना बंद नहीं किया है, जैसा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक करियर के दौरान नहीं किया। 

खैहरा ने खुलासा किया कि जब केजरीवाल ने मजीठिया से माफी मांगी थी तो मान ने इसके विरोध में पार्टी के प्रदेश प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था। विरोध उन्होंने (खैहरा) भी किया था, क्योंकि उन्हें भी बहुत बुरा लगा था, लेकिन अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया था। उस दौरान एक बैठक के सिलसिले में पंजाब आए मनीष सिसौदिया से उन्होंने चाय पर अपने घर में मुलाकात की थी। उक्त मुलाकात के दौरान सिसौदिया ने कहा था कि किसी भी मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया मत दिया करो जैसा कि केजरीवाल की माफी पर भी किया है।

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बात कर लेते तो पता चल जाता और प्लानिंग के तहत काम करते जैसे कि भगवंत मान ने प्लानिंग के तहत ही इस्तीफा दिया है, ताकि पंजाब में पार्टी की छवि सही बनी रहे। खैहरा ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी का पूरा ढांचा निरस्त हो चुका है, पार्टी कमजोर हो चुकी है। ऐसे में हमें पार्टी को मजबूत करने के लिए ही बठिंडा वालंटियर कन्वैंशन करनी पड़ी। लोगों का साथ मिला है और वालंटियर्स ने ही हमें अथॉरिटी दी है, नया ढांचा खड़ा करने की।

बठिंडा में पास हुए छह प्रस्तावों पर हर हाल में डटकर पहरा दिया जाएगा।  पटियाला के सनौर इलाके में पुलिस द्वारा युवकों पर अत्याचार के मामले पर खैहरा ने कहा कि उन्होंने दौरा करके तथ्यों की जानकारी ली है। मामला बहुत ही गंभीर है और इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए नहीं तो 11 अगस्त को थाने का घेराव किया जाएगा। खैहरा ने गुरदासपुर के कादियां के एक गांव की नाबालिग लड़की से रेप की भी निंदा करते हुए सभी आरोपियों को सजा दिलाकर पीड़ित को न्याय दिलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से हमदर्दी के लिए वह उनके घर भी जाएंगे।

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पंजाब में पार्टी का बुरा हाल
इस दौरान कंवर संधू ने कहा कि पार्टी का पंजाब में काफी बुरा हाल हो चुका है और भगवंत मान पार्टी खड़ी करने की बात करते हैं। संधू ने कहा कि राज्य के 117 विधानसभा हलकों में से 60 में कोई हलका इंचार्ज ही नहीं बनाया गया। ऐसे पार्टी कैसे चलेगी? खैहरा और संधू ने कहा कि आने वाले समय में बाकी एम.एल.ए. भी उनके साथ आ जाएंगे। मान उनके छोटे भाई हैं और वह भी उनके साथ ही आएंगे।

ऐसे में वह उन पर या किसी एम.एल.ए. पर कोई आरोप नहीं लगाना चाहते। संधू ने खुद एल.ओ.पी. बनने के आरोप पर कोई भी कमैंट करने से इंकार करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में सफाई देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि खैहरा सब जानते हैं। खैहरा ने कहा कि यह आरोप लगाने वालों को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि यह सरासर झूठ है। 

वहीं, खैहरा को नेता विपक्ष के तौर पर अलॉट हुई कोठी में पार्टी की गतिविधियां नहीं चलने देने के मान द्वारा लगाए गए आरोप का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह रिहायशी इलाका है, जिसके आसपास जजों की रिहायश है। रिहायशी इलाके में पार्टी ऑफिस कैसे चल सकता था? विधायक पिरमल सिंह खालसा ने अपना एम.एल.ए. फ्लैट पार्टी कार्यालय के तौर पर बरतने का प्रस्ताव दिया था लेकिन वहां काम नहीं चलाया गया। 

बहबलकलां मामले में विधानसभा का हो विशेष सत्र 
सुखपाल खैहरा ने बहबल कलां मामले पर धीमी कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में कैप्टन सरकार ने बहुत ही कमजोर कदम उठाया है। खैहरा ने कहा कि कैप्टन खुद कहते रहे हैं कि सी.बी.आई. को मामला सौंपने का मतलब है कि उस मामले को ठंडे बस्ते में डालना। अब उन्होंने खुद इस मामले को सी.बी.आई. को सौंप दिया है। यानी वह भी इस मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहते हैं।

अकाली सरकार की तरह वह भी इस मामले पर कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की स्टेट पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी इस मामले में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करती है। इस मामले में सभी आरोपी पुलिस वालों को पहले अरैस्ट करना चाहिए था। उसके बाद उनके खिलाफ अगली कार्रवाई की जानी चाहिए थी। 

11 तक और विधायक आ सकते हैं समर्थन में: खैहरा
गढ़शंकर (शोरी): आम आदमी पार्टी से बागी नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने आज यहां पत्रकारों से बात करते भगवंत मान के कल के बयानों पर प्रतिक्रिया देते कहा कि वह हमारा छोटा वीर है, पर उसका बयान नफरत की भावना से ज्यादा प्रेरित था। खैहरा ने कहा कि आज पंजाब के मामले ज्यादा महत्वपूर्ण हैं न कि खैहरा व मान क्या कह रहे हैं।

गढ़शंकर में 11 अगस्त को हो रही कन्वैंशन के प्रबंधों का जायजा लेने यहां पहुंचे सुखपाल सिंह खैहरा ने इस कन्वैंशन को वालंटियर कन्वैंशन का नाम दिया व आप्रवासियों को अपील की कि वह अपने सम्पर्क वालों को इस कन्वैंशन में आने के लिए कहें। खैहरा ने उम्मीद जताई की उनके समर्थन में 11 तक आप के और विधायक आ सकते हैं। खैहरा ने उनका विरोध करने वालों पर प्रतिक्रिया करते कहा कि हो सकता है कि विरोध करने वालों को पीछे से कोई अंगुली लगाकर मोटीवेट कर रहा हो।

खैहरा ग्रुप ने जारी किया ऑडियो, मान ने किया था विधान सभा चुनावों में कुछ उम्मीदवारों का विरोध
फरीदकोट (हाली): विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से हटाए गए सुखपाल सिंह खैहरा के ग्रुप ने आज यहां एक होटल में प्रैस कॉन्फ्रैंस कर भगवंत मान की एक कथित ऑडियो जारी की जो विधानसभा चुनाव से पहले की होने दावा किया गया है जिसमें भगवंत मान कुछ पार्टी वर्करों के साथ बाघापुराना विधानसभा हलके के उम्मीदवार बारे बात कर रहे हैं।

जहां से एच.एस. फूलका का रिश्तेदार गुरबिन्दर सिंह कंग चुनाव लड़ा था और वह 4000 वोट के अंतर से यह चुनाव हार गया था। इस संबंधी खैहरा समर्थक और आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान सनकदीप सिंह संधू और स्वर्ण सिंह ने बताया कि भगवंत मान ने चुनाव दौरान कुछ उम्मीदवारों का विरोध किया था जिस कारण वे चुनाव हार गए। करीब 2 साल पुरानी ऑडियो को जारी करके सुखपाल खैहरा के गुट ने इस ऑडियो की जांच की मांग करते हुए भगवंत मान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी तरफ इस संबंधी भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने ऐसी कोई ऑडियो नहीं सुनी और उसने मतदान दौरान पंजाब में करीब 300 रैलियां अपने उम्मीदवारों के हक में कीं। उन्होंने नेताओं और वर्करों से अपील की कि वे आपस में उलझने की जगह एकजुट होकर पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करें।

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