Wednesday, May 12, 2021
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भय्यूजी महाराज के वित्तीय उत्तराधिकार पर फैमिली और ट्रस्ट भी हैरान-परेशान

  • Updated on 6/14/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भय्यूजी महाराज की खुदकुशी के 2 दिन बाद भी उनके वित्तीय उत्तराधिकार को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। भय्यूजी के ट्रस्ट के पदाधिकारी का कहना है कि आध्यात्मिक गुरु के वित्तीय उत्तराधिकार के मामले में फिलहाल कोई निर्णय नहीं किया गया है। दरअसल, भय्यू महाराज के कथित सुसाइड नोट के बाद उनकी संपत्ति को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है। 

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भय्यू महाराज के सुसाइड नोट के मुताबिक उनके वित्तीय अधिकार, प्रॉपर्टी, बैंक खाते और संबंधित मामलों में हस्ताक्षर का हक उनके विशेष सेवादार विनायक दुधाड़े को सौंपा गया है। बता दें कि दुधाड़े 15 वर्ष से भय्यू महाराज के साथ साए की तरह साथ रहता था। भय्यू महाराज के परिजनों ने सूसाइड नोट के आधार पर वित्तीय अधिकार देने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।  

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ऐसे में भय्यू महाराज द्वारा स्थापित श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट ने हालात को देखते हुए सफाई दी है। सुसाइड नोट के मुताबिक संस्था के सारे वित्तीय अधिकार उनके सेवादार को सौंपा जाना है। ट्रस्ट के सचिव तुषार पाटिल का कहना है कि अभी हम इस विषय में कुछ भी सोचने की हालत में नहीं हैं। हमारे गुरु हमें हमेशा के लिए छोड़कर चले गए हैं, जिससे हम सदमे में हैं।

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उन्होंने बातों में संकेत दिए कि कुछ दिन बाद ट्रस्ट की बैठक होगी और उसमें भय्यू महाराज के वित्तीय उत्तराधिकार मसले पर फैसला लिया जा सकता है। पाटिल ने कहा कि हम कुछ दिन बाद मिल-बैठकर तय करेंगे कि भय्यू महाराज की शुरू की गई अलग-अलग परियोजनाओं को किस तरह पूरा करना है। 

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उन्होंने कहा कि भय्यूजी महाराज के इंदौर में स्थापित ट्रस्ट में 11 ट्रस्टी हैं। यह संस्था मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में कृषि, जल संरक्षण और सामाजिक क्षेत्र में अलग-अलग गतिविधियां चलाती है।  सूत्रों के मुताबिक कथित सुसाइड नोट में भय्यू महाराज द्वारा अपनी संपत्ति का जिम्मा अपने परिवार के सदस्यों के बजाय सेवादार को सौंपे जाने के जिक्र से उनके ट्रस्ट के लोग भी हैरान हैं। लेकिन, कोई भी खुलकर बात नहीं कर रहा है।

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