Monday, May 16, 2022
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bhim army chief chandrashekhar azad released from tihar jail

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद हुए तिहाड़ जेल से रिहा

  • Updated on 1/17/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भीम आर्मी (Bhim Army) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandra Shekar Azad) को गुरुवार की रात तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। चंद्रशेखर को पुरानी दिल्ली के दरियागंज (Daryaganj) में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी।

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जंतर मंतर पर किया था प्रदर्शन
आजाद के संगठन ने पुलिस की अनुमति के बगैर 20 दिसंबर को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ जामा मस्जिद से जंतर मंतर तक मार्च का आयोजन किया था। भीम आर्मी प्रमुख को 21 दिसंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने बुधवार को भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को जमानत दी थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाउ ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ राहत दी थी।     

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चार हफ्ते तक दिल्ली नहीं आ सकेंगे
आजाद को जमानत देते हुए अदालत ने कहा था कि वह चार हफ्तों तक दिल्ली नहीं आ सकेंगे और चुनावों तक कोई धरना आयोजित नहीं करेंगे। अदालत ने यह भी कहा था कि सहारनपुर (Saharanpur) जाने से पहले आजाद जामा मस्जिद समेत दिल्ली में कही भी जाना चाहते हैं, तो पुलिस उन्हें एस्कॉर्ट करेगी। न्यायाधीश ने कहा था कि विशेष परिस्थितियों में विशेष शर्तों की जरूरत होती है। 

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भीम आर्मी के सदस्यों ने की आजाद की रिहाई की मांग 
भीम आर्मी के सदस्यों ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन में हिस्सा लिया और संगठन के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की रिहाई की मांग की। दलित संगठन के सदस्यों ने आजाद और बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के पोस्टर के साथ ‘बहुजन-मुस्लिम एकता जिंदाबाद’ और ‘जय भीम’ के नारे लगाए। 

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भीम आर्मी है क्या?
भीम आर्मी एक बहुजन संगठन है, जिसे भारत एकता मिशन भी कहा जाता है। ये दलित चिंतक सतीश कुमार के दिमाग की उपज है। इसे 2014 में चंद्रशेखर आजाद 'रावण' और विनय रतन आर्य ने हाशिए वाले वर्गों के विकास के लिए स्थापित किया गया। भीम आर्मी का कहना है कि वह शिक्षा के माध्यम से दलितों के लिए काम कर रहा है।

    

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