Wednesday, Jun 26, 2019

बिहार : 'चमकी' ने 11 दिनों में ली 55 बच्चों की जान, जाने क्या है मामला 

  • Updated on 6/12/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बच्चों पर चमकी (तेज बुखार) का कहर जारी है। बीते 24 घंटे में मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में पांच बच्चों की मौत हो गयी है। साथ ही मंगलवार को इस बीमारी से ग्रसित 23 बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 15 बच्चों का एसकेएमसीएच (SKMCH) व आठ का केजरीवाल अस्पताल (Hospital) में एईएस (AES) के लिए तय प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जा रहा है। बच्चों की मौत के साथ बीते 11 दिनों में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 55 हो गई है। वहीं, नए भर्ती बच्चों को मिलाकर अब तक कुल 154 पीड़ित सामने आ चुके हैं। 

पीड़ितों व मर्तकों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पटना मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ. आरडी रंजन (R.D Ranjan), राज्य वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल अधिकारी डॉ. एमपी शर्मा व राज्य जेई-एईएस के नोडल समन्वयक संजय कुमार ने एसकेएमसीएच पहुंच पूरी स्थिति का जायजा लिया। 

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इस दौरान अधिकारियों ने दो राउंड चारों पीआईसीयू (PICU) का निरीक्षण किया। इसके बाद विभाग की टीम केजरीवाल अस्पताल भी गई। सिविल सर्जन ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को चार ही बच्चों की मौत चमकी बुखार से हुई है। भर्ती मरीजों की संख्या में भी अंतर देखा जा रहा है। ऐसे में अधिकारियों ने सुव्यवस्थित तरीके से डाटा अपडेट करने पर भी जोर दिया है। 

अब तक 'चमकी' से 34 मौत 

निरीक्षण के बाद निदेशक प्रमुख ने बताया कि अब तक 109 बच्चे चमकी-तेज बुखार से पीड़ित हुए हैं। यह आंकड़ा जनवरी से दस जून तक का है। अब तक मरने वालों की संख्या 34 है। पीड़ित व मरने वालों की संख्या का सही आकलन किया गया है। जेई के चार पीड़ित मरीज मिले हैं। इंसेफेलाइटिस से किसी बच्चे की मौत नहीं हुई है। अब तक जो बच्चे मरे हैं उनमें हाइपोग्लाइसीमिया व सोडियम पोटाशियम की कमी थी। तेज धूप के साथ आर्द्रता इसका बहुत बड़ा कारण है।

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