Friday, Jan 18, 2019

बिहार में हो सकता है मछली खाना बैन, बढ़ रहा है कैंसर का खतरा

  • Updated on 1/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मछली खाने के शौकीन हैं तो ये खबर आपके लिए हैं। खबर आ रही है कि बिहार में खाई जा रही मछली से लोग कैंसर के शिकार हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि बिहार में खाई जा रही या फिर भेजी जा रही मछलियों में फर्मलीन, कैडमियम लेड और फॉर्मल डिहाइड का मात्रा काफी ज्यादा पाई गई। मछलियों को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए फर्मलीन का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन खबर है कि पिछले कुछ दिनों से इन मछलियों में फर्मलीन का मात्रा काफी ज्यादा पाई जा रही है। 

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बिहार में खाई जा रही मछलियों में कैडमियम नाम का तत्व भी ज्यादा पाया जा रहा है। ये ज्यादातर इ कचरे और औद्योगिक कचरे में पाया जाता है। मछलिया पानी में रहकर कैडमियम युक्त भोजन करती हैं जोकि आम आदमी को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे लोग बुखार, मांसपेशियों के दर्द,  निमोनिया और लीवर की कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। इससे न केवल डैमेज बल्कि कैंसर का भी खतरा बढ़ रहा है। 

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बताया जा रहा है कि बिहार में आंध्र प्रदेश से आनी वाली मछलियों में फर्मलीन सबसे ज्यादा मात्रा में प्रयोग किया जा रहा है। इसकी जां के लिए सैंपल कोलकता भेजे गए थे जिसमें 10 अलग मानकों पर रिजल्ट नेगेटिव आया है। इससे ये साफ हो जाता है कि ये मछलिया घातक साबित हो सकती है। 

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इन स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार सइन मछलियोम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कर रही है। जल्द ही मछली खाने पर बैन लग सकता है। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक मछलियों पर प्रतिबंध के पक्ष में है और सरकार जल्द ही इसपर फैसला ले सकती है। बिहार में ज्यादातक मछली बाजार बंद भी हो गए हैं। 

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