Friday, Sep 30, 2022
-->
bill to include controversial map in the constitution passed by nepal''''s parliament pragnt

नेपाली संसद ने विवादित नक्शे को दी मंजूरी, भारत के तीन इलाकों को अपना दिखाया

  • Updated on 6/13/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नेपाल (Nepal) की संसद ने देश के राजनीतिक नक्शे को संशोधित करने के लिए संविधान में बदलाव से जुड़े एक विधेयक पर सर्वसम्मति से अपनी मुहर लगा दी। संशोधिन नक्शे में भारत (India) की सीमा से लगे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा इलाकों पर दावा किया गया है। भारत इन तीन इलाकों को अपना बताता रहा है।

भारत-नेपाल पर 15 राउंड फायरिंग, 3 लोग घायल, 1 की मौत

दो तिहाई से भी अधिक बहुमत से पास हुआ विवादित नक्शा
नेपाली कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता पार्टी-नेपाल और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी समेत प्रमुख विपक्षी दलों ने नए विवादित नक्शे को शामिल करते हुए राष्ट्रीय प्रतीक को अद्यतन करने के लिए संविधान की तीसरी अनुसूची को संशोधित करने संबंधी सरकारी विधेयक के पक्ष में मतदान किया। देश के 275 सदस्यों वाले निचले सदन में विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।

भारत-नेपाल सीमा पर तनाव बरकरार, विदेश मंत्रालय ने कहा- पहले ही दे चुके हैं बयान

यह है नेपाली संसद का गणित
संसद ने नौ जून को आम सहमति से इस विधेयक के प्रस्ताव पर विचार करने पर सहमति जताई थी जिससे नए नक्शे को मंजूर किए जाने का रास्ता साफ हुआ। विधेयक को नेशनल असेंबली में भेजा जाएगा, जहां उसे एक बार फिर इसी प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा। सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के पास नेशनल असेंबली में दो तिहाई बहुमत है। नेशनल असेंबली को विधेयक के प्रावधानों में संशोधन प्रस्ताव, अगर कोई हो तो, लाने के लिए सांसदों को 72 घंटे का वक्त देना होगा।

चीन तनाव पर बोले सेनाध्यक्ष नरवाणे, सीमा पर स्थिति नियंत्रण में, नेपाल से हैं मजबूत रिश्ते

राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा विधेयक
नेशनल असेंबली से विधेयक के पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद इसे संविधान में शामिल किया जाएगा। सरकार ने बुधवार को विशेषज्ञों की एक नौ सदस्यीय समिति बनाई थी जो इलाके से संबंधित ऐतिहासिक तथ्य और साक्ष्यों को जुटाएगी। कूटनीतिज्ञों और विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाते हुए हालांकि कहा कि नक्शे को जब मंत्रिमंडल ने पहले ही मंजूर कर जारी कर दिया है तो फिर विशेषज्ञों के इस कार्यबल का गठन किस लिए किया गया?

नेपाल पुलिस से छूटकर लौटे भारतीय ने कहा,- मुझे भारतीय सीमा से पकड़ा, झूठा बयान देने को बनाया दबाव

सड़क के उद्घाटन के बाद शुरू हुआ तनाव
भारत और नेपाल के बीच रिश्तों में उस वक्त तनाव दिखा जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आठ मई को उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रे को धारचुला से जोड़ने वाली रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन किया। नेपाल ने इस सड़क के उद्घाटन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि यह सड़क नेपाली क्षेत्र से होकर गुजरती है। भारत ने नेपाल के दावों को खारिज करते हुए दोहराया कि यह सड़क पूरी तरह उसके भूभाग में स्थित है।

आज नेपाल की संसद में नए नक्शे पर वोटिंग से पहले भारत ने याद दिलाई अपनी दोस्ती

पिछले महीने जारी हुआ था नेपाल का नया नक्शा
नेपाल ने पिछले महीने देश का संशोधित राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी कर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इन इलाकों पर अपना दावा बताया था। भारत यह कहता रहा है कि यह तीन इलाके उसके हैं। काठमांडू द्वारा नया नक्शा जारी करने पर भारत ने नेपाल से कड़े शब्दों में कहा था कि वह क्षेत्रीय दावों को 'कृत्रिम रूप से बढ़ा-चढ़ाकर' पेश करने का प्रयास न करे।

कोरोना से जुड़ी बड़ी खबरों को यहां पढ़ें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.